दिल्ली में सड़कों की भीड़ कम करने के लिए एलजी तरणजीत सिंह संधू ने मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी परियोजनाओं को दी मंजूरी

दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग एंड इंजीनियरिंग सेंटर यानी यूटीपेक की 70वीं गवर्निंग बॉडी की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक के दौरान, एलजी संधू ने राजधानी में आवागमन को बेहतर बनाने और मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को औपचारिक मंजूरी दे दी। इन पहलों का मुख्य उद्देश्य पैदल यात्रियों के लिए रास्तों को सुधारना, अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी को मजबूत करना और व्यस्त मार्गों पर लगातार लगने वाले ट्रैफिक जाम को खत्म करना है।
एलजी संधू ने निर्बाध शहरी परिवहन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ये प्रयास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईज ऑफ लिविंग और गति शक्ति पहलों के अनुरूप हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विभिन्न नागरिक एजेंसियों के बीच प्रभावी तालमेल बनाकर प्रशासन दिल्ली को एक अधिक कुशल और रहने योग्य महानगर बनाना चाहता है।
यह मंजूरी राजधानी में बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी हालिया श्रृंखला के बाद दी गई है। 19 सितंबर 2026 को, अधिकारियों ने वास्तविक समय के सड़क डेटा के आधार पर सिग्नल को नियंत्रित करने के लिए एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली लागू करने की योजना की घोषणा की थी। इसके अलावा, 8 सितंबर 2026 को सरकार ने रानी झांसी रोड टी-पॉइंट से पंजाबी बाग पश्चिम मेट्रो स्टेशन तक 7 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए एक व्यवहार्यता अध्ययन को मंजूरी दी थी।