दिल्ली में मेट्रो कनेक्टिविटी और ट्रैफिक सुधार के लिए बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट मंजूर

दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में 23 सितंबर 2026 को यूटीटीआईपीसीईसी की 70वीं शासी निकाय की बैठक हुई, जिसमें शहरी गतिशीलता को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इस बैठक में छह प्रमुख दिल्ली मेट्रो स्टेशनों जीटीबी नगर, सरिता विहार, अक्षरधाम, रोहिणी पश्चिम, मालवीय नगर और शास्त्री पार्क के लिए मल्टी-मोडल इंटीग्रेशन योजनाओं को हरी झंडी दिखाई गई। इन योजनाओं का उद्देश्य स्टेशनों के 300 मीटर के दायरे में अंतिम मील की कनेक्टिविटी, पैदल यात्री बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक परिवहन तक पहुंच में सुधार करना है।
मेट्रो सुधारों के अलावा, बैठक में लोक निर्माण विभाग की दो प्रमुख सड़क परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई। इसमें मां आनंदमयी मार्ग पर 5.5 किलोमीटर लंबे छह-लेन वाले एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण शामिल है। इसके अलावा, अधिकारियों ने मुकरबा चौक पर मौजूदा रेलवे ओवरब्रिज को छह लेन से बढ़ाकर 10 लेन करने और जहांगीपुरी औद्योगिक क्षेत्र को संजय गांधी परिवहन नगर से जोड़ने वाले चार-लेन के नए रेलवे ओवरब्रिज प्रोजेक्ट को मंजूरी दी। उपराज्यपाल संधू ने कहा कि ये पहल राजधानी में ट्रैफिक जाम को कम करने और शहरी कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर केंद्रित हैं।
इन विकास कार्यों से पहले शहर में बुनियादी ढांचा उन्नयन पर जोर दिया गया था। 22 सितंबर 2026 को एलजी संधू ने दिल्ली पुलिस को 'पिंक फोर्स' स्थापित करने का निर्देश दिया, जो स्कूलों, कॉलेजों और मेट्रो स्टेशनों जैसे संवेदनशील स्थानों पर नजर रखेगी। इसके अलावा, लोक निर्माण विभाग ने सितंबर 2026 के अंत तक 600 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत और दोबारा डामरीकरण करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश के तहत मुकरबा चौक पर जाम की समस्या से निपटने के प्रयास जारी हैं, और अप्रैल 2026 तक इसी जंक्शन पर अंडरपास का निर्माण 98 प्रतिशत पूरा हो चुका था।