दिल्ली के उपराज्यपाल और पुलिस कमिश्नर ने जनता-केंद्रित पुलिसिंग पर दिया जोर

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने 23 सितंबर 2026 को पुलिस मुख्यालय सभागार में वरिष्ठ दिल्ली पुलिस अधिकारियों को संबोधित किया। इस बैठक में पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार भी मौजूद रहे, जहाँ सार्वजनिक विश्वास और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग को मजबूत करने की रूपरेखा तैयार की गई। उपराज्यपाल ने निर्देश दिए कि सभी पुलिस थाने स्वागत योग्य स्थान बनें जहाँ नागरिकों की बात सुनी जाए। बीट अधिकारियों और स्थानीय समुदायों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया (Source)।
जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने 'जन सुनवायी' जन शिकायतों की डिजिटल ट्रैकिंग अनिवार्य कर दी है। इसके तहत हर शिकायत को स्वीकार करना होगा और तय समय सीमा के भीतर उसका समाधान करना होगा। कमिश्नर अनुराग कुमार, जिन्होंने 17 जुलाई 2026 को पदभार संभाला था, ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस, पारदर्शिता और पेशेवर आचरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। विभाग अपनी सुरक्षा गतिविधियों का विस्तार कर रहा है, जिसमें छेड़खानी से निपटने के लिए 'ऑपरेशन शिष्टाचार' जारी रखना और गोवा पुलिस की 'पिंक फोर्स' की तर्ज पर 'महिला-केंद्रित गश्ती इकाई' स्थापित करने की योजना शामिल है।
एल-जी ने बाजारों, परिवहन केंद्रों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे अधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों में पैदल और मोटरसाइकिल इकाइयों के माध्यम से दृश्यमान गश्त बढ़ाने का आदेश दिया (Source)। सामुदायिक पहुंच के प्रयास एक मुख्य फोकस बने हुए हैं, जिसमें दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 23 सितंबर 2026 को अपना सड़क सुरक्षा जागरूकता ग्रीष्मकालीन शिविर-2026 सफलतापूर्वक संपन्न किया, जिसमें ड्रिल और जागरूकता सत्रों में 750 छात्रों ने हिस्सा लिया (Source)। ये पहलें 'पुलिस मित्र' और 'युवा' कौशल विकास परियोजना जैसे चल रहे कार्यक्रमों की पूरक हैं।
उपराज्यपाल ने भीड़भाड़ कम करने की रणनीतियों और 'ट्रैफिक पाठशाला' व 'ट्रैफिक पंचायत' जैसे समुदाय-आधारित कार्यक्रमों की समीक्षा के लिए 23 सितंबर को ट्रैफिक मुख्यालय का दौरा भी किया। नियमित प्रशासनिक प्रक्रियाओं के तहत, कमिश्नर कुमार को 18 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत निवारक हिरासत की शक्तियां भी प्रदान की गई हैं।