दिल्ली के वकीलों ने काम से दूरी और प्रदर्शन का फैसला वापस लिया

दिल्ली की सभी जिला अदालतों की बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति ने गुरुवार को अपने प्रस्तावित न्यायिक कार्य से बहिष्कार और उपराज्यपाल निवास तक मार्च के फैसले को स्थगित कर दिया है। दिल्ली सरकार द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के संशोधन की अधिसूचना के कार्यान्वयन को रोक दिए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया है। इस संबंध में एक सर्कुलर भी जारी किया गया है। नई दिल्ली बार एसोसिएशन ने भी एक सर्कुलर जारी कर बताया कि समन्वय समिति के प्रतिनिधिमंडल को दिल्ली के मुख्यमंत्री, कानून मंत्री और परिवहन मंत्री के साथ चर्चा के लिए बुलाया गया था।
सर्कुलर में बताया गया है कि ट्रैफिक चालान के निपटान के लिए नई व्यवस्था शुरू करने को लेकर वकीलों की चिंताओं पर विस्तृत चर्चा हुई। विस्तृत विचार-विमर्श के बाद, मुख्यमंत्री ने समन्वय समिति द्वारा उठाए गए सुझावों और चिंताओं पर उचित विचार के बाद कोई ठोस समाधान निकलने तक एनसीटी दिल्ली राज्य में उक्त अधिसूचना के कार्यान्वयन को रोक दिया है। इसके अनुसार, 24 सितंबर को काम से बहिष्कार और प्रस्तावित मार्च का आह्वान स्थगित कर दिया गया है।
एनडीबीए के सचिव, अधिवक्ता तरुण राणा ने कहा कि कल के लिए काम से बहिष्कार और एलजी हाउस तक मार्च का आह्वान वापस ले लिया गया है। सेंट्रल दिल्ली कोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव और समन्वय समिति के समन्वयक अधिवक्ता विजय बिश्नोई ने कहा कि वकीलों द्वारा दायर अभ्यावेदन मिलने और बैठक के बाद, अगली दिशा-निर्देश आने तक अधिसूचना पर रोक लगा दी गई है।
इससे पहले, दिल्ली की जिला अदालतों के वकीलों ने विवादित ट्रैफिक चालानों के निपटान के लिए केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 167 के तहत संशोधित तंत्र का विरोध करते हुए 21 सितंबर को न्यायिक कार्य से दूर रहने का फैसला किया था।