पुलिस अधिकारी की धमकी के खिलाफ दिल्ली के सभी जिला कोर्ट के वकील करेंगे हड़ताल
पुलिस अधिकारी द्वारा धमकी और रिवॉल्वर लहराने के विरोध में दिल्ली के सभी जिला न्यायालयों के वकील मंगलवार को हड़ताल पर रहेंगे।

दिल्ली की कानूनी दुनिया में इस समय भारी आक्रोश है। पुलिस अधिकारी द्वारा कथित तौर पर धमकी देने और रिवॉल्वर लहराने के मामले ने तूल पकड़ लिया है, जिसके चलते दिल्ली के सभी सात जिला न्यायालयों के वकीलों ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। दिल्ली बार एसोसिएशन की कोऑर्डिनेशन कमेटी ने सोमवार शाम को इस हड़ताल का आह्वान किया है।
इस पूरे विवाद की जड़ 23 अक्टूबर की एक घटना है। दरअसल, वकील ललित बंसल के साथ हुई मारपीट, जिसमें उन्हें सिर में गंभीर चोटें आई थीं, के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर कुछ वकील शाहदरा पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि वहां तैनात एसीपी मानसवी वशिष्ठ और शाहदरा थाने के एसएचओ ने वकीलों को भरोसा दिलाया था कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लेकिन जब शनिवार तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो वकील दोबारा थाने पहुंचे।
एसीपी पर रिवॉल्वर लहराने और धमकी देने का आरोप
वकीलों का आरोप है कि जब वे 26 अक्टूबर को अपनी बात रखने थाने पहुंचे, तो एसीपी मानसवी वशिष्ठ ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और कथित तौर पर रिवॉल्वर लहराते हुए उन्हें धमकी दी। मामला यहीं नहीं रुका, पुलिस ने इस घटना के बाद वकीलों के खिलाफ एफआईआर (FIR) भी दर्ज करा ली है, जिससे कानूनी समुदाय में गहरा गुस्सा है।
शिकायतकर्ता वकील अमूल्य रतन और कोऑर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन वकील नीरज के नेतृत्व में इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की गई है। वकीलों की मांग है कि एसीपी मानसवी वशिष्ठ और शाहदरा एसएचओ को तुरंत निलंबित किया जाए और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। उनका कहना है कि पुलिस का ऐसा व्यवहार कानूनी पेशे की गरिमा और स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब पुलिस और वकीलों के बीच टकराव हुआ हो। इसी महीने की शुरुआत में रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन ने भी पुलिस द्वारा एक वकील के साथ मारपीट के विरोध में हड़ताल की थी। अब एक बार फिर दिल्ली की अदालतों में कामकाज ठप होने की संभावना है।