दिल्ली: ACP और SHO के निलंबन की मांग को लेकर वकीलों ने शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल
शाहदरा पुलिस स्टेशन के ACP और SHO के खिलाफ दिल्ली के वकीलों ने काम बंद करने का ऐलान किया है। जानें क्या है पूरा मामला।

दिल्ली के वकीलों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली बार एसोसिएशन की कोऑर्डिनेशन कमेटी ने न्यायिक कार्यों से अनिश्चितकालीन दूरी बनाने का फैसला किया है। यह कड़ा कदम शाहदरा पुलिस स्टेशन के एक एसीपी (ACP) और एसएचओ (SHO) के खिलाफ दर्ज एफआईआर और वकीलों के साथ कथित तौर पर किए गए दुर्व्यवहार के विरोध में उठाया गया है।
पूरे विवाद की जड़ एक पुरानी घटना है, जिसमें वकील ललित बंसल पर हमला हुआ था और उनके सिर में गंभीर चोट आई थी। इस मामले में वकील अमूल्य रतन ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि जब कई वकील इस मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग करने शाहदरा पुलिस स्टेशन पहुंचे, तो वहां तैनात अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यहां तक कि बताया गया कि आरोपी उस समय थाने में ही मौजूद थे।
अधिकारियों पर धमकी और लापरवाही के आरोप
वकीलों का दावा है कि 24 अक्टूबर को उन्हें पता चला कि जिन आरोपियों को गिरफ्तार करने का वादा किया गया था, उन्हें पुलिस ने छोड़ दिया है। जब वकील इस लापरवाही पर जवाब मांगने और जवाबदेही तय करने के लिए थाने पहुंचे, तो वहां तैनात एसीपी मनस्वी वशिष्ठ ने कथित तौर पर उनके साथ बदसलूकी की और उन्हें धमकाया।
इस घटना से आक्रोशित कोऑर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन एडवोकेट नीरज ने मंगलवार शाम को एक सर्कुलर जारी कर अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया। कमेटी ने स्पष्ट किया है कि जब तक एसीपी और एसएचओ को निलंबित नहीं किया जाता और मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक न्यायिक कार्य ठप रहेंगे।
इस विरोध प्रदर्शन में केवल एक एसोसिएशन ही नहीं, बल्कि न्यू दिल्ली बार एसोसिएशन (NDBA), साकेत बार एसोसिएशन और सेंट्रल दिल्ली डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने भी अपना समर्थन दिया है।
आंदोलन की अगली रणनीति:
- वकील तब तक काम पर नहीं लौटेंगे जब तक निलंबन की मांग पूरी नहीं होती।
- न्यू दिल्ली बार एसोसिएशन (NDBA) ने 29 अक्टूबर को पटियाला हाउस कोर्ट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक एक विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है।