दिल्ली के वकील नए ट्रैफिक चालान नियमों के खिलाफ एलजी हाउस तक निकालेंगे शांतिपूर्ण मार्च

दिल्ली के वकीलों ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के संशोधित नियम 167 के खिलाफ अपना विरोध और तेज कर दिया है। 18 सितंबर 2026 से लागू हुए नए ट्रैफिक चालान नियमों के विरोध में दिल्ली की सभी जिला अदालतों की बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति ने 24 सितंबर 2026 को तीस हजारी कोर्ट से एलजी हाउस तक एक शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकालने की घोषणा की है। इस मार्च के दिन वकील सभी न्यायिक कार्यों से दूर रहेंगे (स्रोत)।
नए ट्रैफिक चालान नियम और शर्तें
संशोधित नियमों के अनुसार, व्यक्ति को 45 दिनों के भीतर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जुर्माना भरना होगा या उसे चुनौती देनी होगी, ऐसा न करने पर चालान स्वीकार कर लिया जाएगा। इसके अलावा, नियमों के तहत यदि किसी नागरिक को अदालत में आगे की न्यायिक अपील करनी है और शुरुआती चुनौती खारिज हो जाती है, तो उसे जुर्माने की राशि का 50 प्रतिशत अनिवार्य रूप से पहले जमा करना होगा (स्रोत)।
वकीलों की आपत्तियां और आगे की योजना
समिति ने इन बदलावों की आलोचना करते हुए इन्हें मनमाना बताया है। वकीलों का तर्क है कि न्यायिक मजिस्ट्रेटों से कार्यकारी अधिकारियों जैसे तहसीलदार, एसडीएम और परिवहन विभाग के अधिकारियों को न्यायिक शक्तियां ट्रांसफर करने से शक्तियों के पृथक्करण और न्यायिक स्वतंत्रता को ठेस पहुंचती है। समन्वय समिति के कार्यकारी सदस्य ए.एफ. फैज़ी ने कहा कि नई व्यवस्था से मजिस्ट्रेटों का न्यायिक विवेक खत्म हो जाता है।
बार कमेटी के महासचिव नरवीर डबास ने पुष्टि की कि वकील इस चालान निपटान तंत्र को पूरी तरह से वापस लेने के लिए एलजी पर दबाव बनाएंगे। समिति का कहना है कि कानून मंत्री के पिछले आश्वासनों के बावजूद कि इन कार्यकारी अधिकारियों की नियुक्ति को टाल दिया जाएगा, अधिसूचनाएं जारी कर दी गईं। वकीलों ने नियोजित प्रदर्शनों से पहले 22 सितंबर 2026 को अपना काम फिर से शुरू कर दिया था।