दिल्ली सरकार का बड़ा कदम: टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए लॉन्च किए 4 नए हेरिटेज और स्पिरिचुअल सर्किट

दिल्ली सरकार ने 11 अगस्त 2026 को चार नए क्यूरेटेड हेरिटेज और धार्मिक टूरिज्म सर्किट लॉन्च किए हैं। इसके साथ ही यह घोषणा की गई है कि अब राजधानी केवल एक स्टॉपओवर (Transit City) नहीं बल्कि एक पूरा टूरिज्म पैकेज बन गई है। यह जानकारी स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर में आयोजित "स्पिरिचुअल एंड हेरिटेज टूरिज्म कॉन्क्लेव 2026" के दौरान दी गई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की पहचान केवल ऐतिहासिक स्मारकों तक ही सीमित नहीं है।
ट्रांजिट सिटी से डेस्टिनेशन सिटी में बदलाव
दिल्ली टूरिज्म के लिए यह पहल एक बड़ा अपग्रेड है। इसका मुख्य उद्देश्य शहर को 'ट्रांजिट सिटी' से 'डेस्टिनेशन सिटी' में बदलना है, ताकि पर्यटक यहां अधिक समय बिता सकें और विभिन्न विरासतों का पता लगा सकें। नए लॉन्च किए गए सर्किट भौगोलिक निकटता और विषयगत प्रासंगिकता के आधार पर 20-21 महत्वपूर्ण स्थानों को आपस में जोड़ते हैं, जिससे पर्यटकों के लिए कई जगहों पर जाना आसान हो जाता है।
शामिल प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल
इन सर्किट में कई आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्थल शामिल किए गए हैं। इनमें गुरुद्वारा बंगला साहिब, सेक्रेड हार्ट कैथेड्रल, अग्रसेन की बावली, लोटस टेंपल, अक्षरधाम मंदिर, जंतर-मंतर, निजामुद्दीन दरगाह, पुराना किला और महरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क शामिल हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि सरकार का लक्ष्य पर्यटकों को दिल्ली के विश्व स्तरीय आध्यात्मिक और वास्तुशिल्प स्थलों की ओर आकर्षित करना है।
कॉन्क्लेव और आगामी प्रचार कार्यक्रम
कॉन्क्लेव के दौरान सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने मुख्य भाषण दिया और इस क्षेत्र के आध्यात्मिक तथा सांस्कृतिक महत्व पर जोर दिया। इन इको-फ्रेंडली सर्किट का प्रचार-प्रसार करने के लिए 12 अगस्त 2026 को इन्फ्लुएंसर्स इन जगहों का दौरा करेंगे और राजधानी की बेहतर टूरिज्म सुविधाओं का प्रचार करेंगे।