दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: लक्ष्मी योजना के 2500 रुपये खर्च करने पर पाबंदी, जानिए पूरी नियम और शर्तें

दिल्ली सरकार ने हाल ही में शुरू की गई 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' के तहत मिलने वाली 2,500 रुपये की मासिक सहायता राशि को लेकर विशेष प्रतिबंध लागू किए हैं। लाभार्थियों के लिए यह स्पष्ट किया गया है कि वे इन पैसों को किन-किन चीजों पर खर्च नहीं कर सकते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए दिल्ली महिला एवं बाल विकास विभाग के आधिकारिक दस्तावेज पर जा सकते हैं।
- योजना की शुरुआत: यह योजना 1 अगस्त 2026 को लॉन्च की गई थी, जिसके तहत 21 से 60 वर्ष की पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है।
- पहली किस्त: योजना की पहली किस्त 1 सितंबर 2026 को सीधे बैंक खाते में जमा किए जाने की तारीख तय की गई है।
- आवेदन की स्थिति: 8 लाख रजिस्ट्रेशन में से अब तक 5 लाख से अधिक आवेदन जमा हो चुके हैं।
- पात्रता के नियम: महिला परिवार की सबसे बड़ी पात्र सदस्य होनी चाहिए, 10 साल से दिल्ली की वोटर होनी चाहिए और परिवार की आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
- किसे नहीं मिलेगा लाभ: टैक्सपेयर्स, सरकारी कर्मचारी और चार पहिया वाहन रखने वाले इस योजना से बाहर हैं।
CBDC वॉलेट से खर्च पर सख्त रोक
यदि लाभार्थी सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वॉलेट के जरिए फंड प्राप्त करती हैं, तो उनके लिए शराब, तंबाकू उत्पाद, नशीले पदार्थ, साइकोट्रोपिक पदार्थ, लॉटरी टिकट खरीदना या जुआ और सट्टेबाजी की गतिविधियों में शामिल होना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इन नियमों का पालन करना अनिवार्य किया गया है।
मुख्यमंत्री समीक्षा और आवेदन की पात्रता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 18 अगस्त 2026 को मुख्य सचिव राजीव वर्मा के साथ इस प्रोजेक्ट की समीक्षा की थी। इस योजना के लिए पात्रता संबंधी अधिक विवरण दिल्ली लक्ष्मी योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। नियम के मुताबिक, महिला का दिल्ली में 10 साल से वोटर होना और परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होना जरूरी है।
फंड का विकल्प और फर्जीवाड़े पर कार्रवाई
लाभार्थी दैनिक खर्च के लिए 1,000 रुपये CBDC वॉलेट में ले सकती हैं, जबकि शेष 1,500 रुपये को 31 जुलाई 2029 तक लॉक रहने वाले लॉन्ग-टर्म डिपॉजिट अकाउंट में रख सकती हैं। वैकल्पिक तौर पर, पूरे 2,500 रुपये को लॉन्ग-टर्म सेविंग्स में भी भेजा जा सकता है। सरकार ने चेतावनी दी है कि जिला-स्तरीय समितियों द्वारा कोई भी फर्जी दावा पाए जाने पर तुरंत लाभ बंद कर दिया जाएगा, बांटी गई राशि की रिकवरी होगी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।