दिल्ली लक्ष्मी योजना में 1.54 लाख रजिस्ट्रेशन दर्ज, महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 2500 रुपये

दिल्ली में हाल ही में शुरू की गई 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' को महिलाओं से भारी प्रतिक्रिया मिल रही है। सोमवार, 3 अगस्त 2026 को सुबह 7:48 बजे तक इसके ऑफिशियल पोर्टल पर 1.54 लाख (154,000) रजिस्ट्रेशन दर्ज किए गए हैं। इस योजना का उद्देश्य दिल्ली भर की 1.7 मिलियन से अधिक महिलाओं को सशक्त बनाना है। पोर्टल लॉन्च होने के पहले 12 घंटों के भीतर 33,730 से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए थे, जिससे इस योजना को शुरुआत में ही बहुत मजबूत प्रतिक्रिया मिली। कुल आवेदकों में से 10,723 आवेदकों ने इस योजना के लिए अपने फाइनल फॉर्म जमा कर दिए हैं।
योजना की शुरुआत और वित्तीय प्रावधान
दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 1 अगस्त 2026 को शुरू हुआ था, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया था। यह योजना महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता के जरिए सशक्त बनाने का लक्ष्य रखती है। आधिकारिक बयानों के अनुसार, दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस पहल के लिए 5,110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, और इसकी पहली किस्त रक्षा बंधन यानी 28 अगस्त को जारी की जाएगी (Source)। मुख्यमंत्री गुप्ता ने इस योजना को महिलाओं की वित्तीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए एक नया अध्याय बताया है।
योग्यता और आवेदन प्रक्रिया
योजना के लिए यह जरूरी है कि आवेदक की आयु 21 से 60 वर्ष के बीच हो और परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक न हो। आवेदक या उनके पति/माता-पिता को कम से कम 10 साल तक दिल्ली में रहना जरूरी है और वे राजधानी में रजिस्टर्ड वोटर होने चाहिए। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन dly.delhi.gov.in के माध्यम से है और इसके लिए आधार, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और स्थानीय सांसद या विधायक का एक अनिवार्य एंडोर्समेंट लेटर जैसे दस्तावेजों की जरूरत होती है। आपा नेता सौरभ भारद्वाज ने इस विशिष्ट आवश्यकता की आलोचना की है, उनका तर्क है कि इससे कई नए दिल्ली के निवासी इस योजना का लाभ उठाने से वंचित रह सकते हैं (Source)।
भुगतान विकल्प और निगरानी
लाभार्थियों के पास मासिक सहायता के लिए दो भुगतान विकल्प होते हैं: सरकारी स्वीकृत सामान और सेवाओं के लिए रिकरिंग/फिक्सड डिपॉजिट अकाउंट में 1,500 रुपये और सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वॉलेट में 1,000 रुपये प्राप्त करना, या पूरे 2,500 रुपये सीधे रिकरिंग/फिक्सड डिपॉजिट अकाउंट में प्राप्त करने का विकल्प चुनना। जिला-स्तरीय समितियां आवेदन की जांच, मंजूरी और शिकायत निवारण की निगरानी करेंगी।