दिल्ली लक्ष्मी योजना को पहले ही दिन मिले 1.47 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन, जानें क्या हैं शर्तें और किसे मिलेगा लाभ

महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए शुरू की गई दिल्ली की नई योजना को पहले दिन ही बहुत शानदार प्रतिक्रिया मिली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि Delhi Lakshmi Yojana के ऑनलाइन पोर्टल पर उद्घाटन के पहले दिन ही 1.47 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन दर्ज किए गए। मुख्यमंत्री गुप्ता ने शनिवार, 1 अगस्त 2026 को इस पोर्टल का उद्घाटन किया था। इस योजना को दिल्ली कैबिनेट ने 28 जुलाई 2026 को मंजूरी दी थी, जिसका शुरुआती नाम "Mahila Samriddhi Yojana" था (Source)।
योजना की पात्रता और शर्तें
यह योजना शुरुआती तीन वर्षों में लगभग 17 लाख महिलाओं को लाभान्वित करने के लिए बनाई गई है और इसमें पात्र लाभार्थियों को प्रति महीने ₹2,500 दिए जाते हैं। आवेदन करने के लिए महिलाओं की उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए, वे अपने परिवार की सबसे बड़ी पात्र महिला होनी चाहिए, कम से कम 10 साल से दिल्ली की निवासी होनी चाहिए और दिल्ली में रजिस्टर्ड वोटर होनी चाहिए। परिवार की सालाना आय ₹2.5 लाख से ज्यादा नहीं होनी चाहिए और आवेदन जमा करने के लिए स्थानीय विधायक या सांसद का सिफारिश पत्र होना जरूरी है (Source)। जो महिलाएं अन्य सरकारी वित्तीय सहायता ले रही हैं, टैक्सपेयर हैं, सरकारी कर्मचारी हैं, चार पहिया वाहन रखती हैं या जिनके तीन से अधिक जीवित बच्चे हैं, वे इस योजना के लिए अपात्र हैं।
बजट आवंटन और भुगतान का तरीका
मुख्यमंत्री गुप्ता ने बताया कि महिलाओं की गरिमा, समृद्धि और आर्थिक सशक्तिकरण के व्यापक विजन को ध्यान में रखते हुए इस योजना का नाम बदलकर Delhi Lakshmi Yojana किया गया है। सरकार ने इसके क्रियान्वयन के लिए 2026-27 के बजट में ₹5,100 करोड़ का आवंटन किया है। लाभार्थी चाहें तो ₹1,000 प्रति माह Central Bank Digital Currency (CBDC) वॉलेट में ले सकती हैं और बाकी ₹1,500 रिकरिंग या फिक्स डिपॉजिट खाते में जमा करवा सकती हैं, या फिर पूरी ₹2,500 मासिक सहायता राशि को लंबी अवधि की बचत के लिए RD/FD खाते में जमा करवा सकती हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने 10 साल की रेजिडेंसी शर्त और विधायक/सांसद के सिफारिश पत्र की आवश्यकता जैसे कुछ पात्रता नियमों की आलोचना की है।