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Delhi Lakshmi Yojana: महिलाओं को मिलेंगे 2,500 रुपये, घर-घर जाकर होगी जांच

Kittu Kumari30 July 20262 min read27 views
Delhi Lakshmi Yojana: महिलाओं को मिलेंगे 2,500 रुपये, घर-घर जाकर होगी जांच

दिल्ली एनसीआर की महिलाओं के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। दिल्ली सरकार ने नई वित्तीय सहायता योजना 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' के तहत मिलने वाले पैसों में पूरी पारदर्शिता रखने के लिए एक सख्त कदम उठाया है। इस योजना के तहत लाभ पाने वाली महिलाओं की रैंडम और घर-घर जाकर वेरिफिकेशन (Verification) की जाएगी, जैसा कि Indian Express article updated on July 30, 2026 में विस्तार से बताया गया है। इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह पक्का करना है कि सिर्फ सही और जरूरतमंद महिलाओं तक ही सरकारी मदद पहुंचे।

दिल्ली कैबिनेट ने इस योजना को 28 जुलाई 2026, मंगलवार को मंजूरी दे दी थी। सरकार की योजना के मुताबिक, 1 अगस्त को रजिस्ट्रेशन पोर्टल लॉन्च किया जाएगा और रक्षाबंधन के मौके पर 28 अगस्त के आसपास पहली किस्त ट्रांसफर कर दी जाएगी। यह योजना शुरुआती तीन साल के लिए चलाई जाएगी। इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ खास नियम बनाए गए हैं, जैसे आवेदक महिला दिल्ली की रेजिडेंट (Resident) और रजिस्टर्ड वोटर होनी चाहिए, जिसकी उम्र 21 से 60 साल के बीच हो। इसके अलावा, परिवार की सालाना इनकम 2.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

योजना के जरूरी नियम और शर्तें

इस स्कीम का लाभ लेने के लिए महिलाओं को कुछ शर्तों को पूरा करना होगा। आवेदक महिला इनकम टैक्स (Income Tax) न देती हो, किसी अन्य केंद्र या राज्य सरकार की वित्तीय सहायता न ले रही हो और जिसके तीन से ज्यादा जीवित बच्चे न हों—जो कि दिल्ली की किसी भी सोशल वेलफेयर स्कीम में पहली बार जोड़ा गया एक नया नियम है। इसके साथ ही, महिला का कम से कम 10 साल से दिल्ली में रहना अनिवार्य है। हर परिवार से केवल एक ही महिला को इस योजना का लाभ मिलेगा, जिसमें घर की सबसे बड़ी महिला को चुना जाएगा। साथ ही, महिलाओं को 10 साल के निवास और क्रिमिनल रिकॉर्ड (Criminal Record) न होने का एक सेल्फ-डिक्लेरेशन (Self-declaration) भी देना होगा।

थर्ड-पार्टी एजेंसी करेगी दस्तावेजों की जांच

इन सभी नियमों का सही से पालन हो रहा है या नहीं, यह देखने के लिए महिला एवं बाल विकास (WCD) विभाग एक थर्ड-पार्टी एजेंसी को काम पर लगाएगा, जो घर-घर जाकर रैंडम चेकिंग करेगी। सरकार के एक सीनियर अधिकारी ने पारदर्शिता बनाए रखने और वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक पहुंचने के लिए इस वेरिफिकेशन को बहुत जरूरी बताया है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय संभाल रही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इस बात पर जोर दिया है कि इस योजना को खासतौर पर महिलाओं को सशक्त बनाने और उनकी सेहत को प्राथमिकता देने के लिए तैयार किया गया है।

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