Delhi Lakshmi Yojana: महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 2500 रुपये, 1 अगस्त 2026 से शुरू होंगे रजिस्ट्रेशन

दिल्ली सरकार महिलाओं के लिए नई 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' (Delhi Lakshmi Yojana) शुरू करने जा रही है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस योजना के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 1 अगस्त 2026 से शुरू होंगे और पहली किस्त रक्षाबंधन के आसपास यानी 28 अगस्त 2026 को जारी की जाएगी। दिल्ली कैबिनेट द्वारा 28 जुलाई 2026 को इस योजना को मंजूरी मिलने के बाद, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसकी जानकारी दी। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।
- दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी।
- ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 1 अगस्त 2026 से शुरू होंगे।
- पहली किस्त 28 अगस्त 2026 (रक्षाबंधन के आसपास) जारी की जाएगी।
- योजना शुरुआत में तीन साल के लिए मंजूर की गई है और इससे दिल्ली की 17 लाख से अधिक महिलाओं को फायदा मिलने की उम्मीद है।
फंड वितरण और उपयोग के नियम
इस योजना के तहत, लाभार्थियों को मिलने वाले पैसों में से 1,500 रुपये तीन साल के लॉक-इन पीरियड के साथ रिकरिंग या फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट में जमा किए जाएंगे, जिससे लंबी अवधि की बचत को बढ़ावा मिले। इसके अलावा, बचे हुए 1,000 रुपये सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) डिजिटल रूपी वॉलेट में क्रेडिट किए जाएंगे। CBDC वॉलेट के पैसे केवल सरकार द्वारा स्वीकृत सामान और सेवाओं पर ही खर्च किए जा सकते हैं, और शराब, तंबाकू उत्पाद और ऑनलाइन जुआ जैसी चीजों पर पाबंदी के लिए एक 'नेगेटिव लिस्ट' बनाई गई है। इसके साथ ही, पूरा पैसा बचत खाते में जमा करने का फुल डिपॉजिट ऑप्शन भी उपलब्ध है, जिससे पूरे 2,500 रुपये एक बचत खाते में रखे जा सकते हैं।
पात्रता और जरूरी दस्तावेज
इस योजना का लाभ उठाने के लिए महिलाओं को कम से कम 10 साल से दिल्ली का निवासी होना चाहिए, उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए, और परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदक या उसके किसी भी परिवार के सदस्य का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए, और परिवार की केवल सबसे बड़ी पात्र महिला को ही इसका लाभ मिलेगा। जो महिलाएं या उनके परिवार के सदस्य इनकम टैक्स देते हैं, जीएसटी रिटर्न भरते हैं, सरकारी कर्मचारी हैं, जिनके पास चार पहिया वाहन है, जिनकी सालाना बिजली की खपत 2,400 यूनिट से ज्यादा है, या जिनके तीन से अधिक जीवित बच्चे हैं, वे इस योजना के लिए अपात्र (Excluded) हैं।
योजना का उद्देश्य और लाभ
यह योजना शुरुआती तौर पर तीन साल के लिए मंजूर की गई है और इससे दिल्ली भर की 17 लाख से अधिक पात्र महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि वित्तीय सहायता के अलावा, इस पहल का उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कौशल विकास और कल्याणकारी कार्यक्रमों में व्यापक भागीदारी को बढ़ावा देना है। आवेदन करने के लिए महिलाओं को आधार कार्ड, वोटर आईडी, आय प्रमाण और एक सेल्फ-डिक्लेरेशन जैसे दस्तावेज देने होंगे।