दिल्ली: अरविंद केजरीवाल और परिवार को मिला एसआईआर नोटिस, आप ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

दिल्ली निर्वाचन आयोग ने शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस दिल्ली में मतदाता सूचियों के चल रहे विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया के तहत जारी किया गया है। यह नोटिस अरविंद केजरीवाल, उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, बेटे पुलकित केजरीवाल और माता-पिता गोबिंद राम केजरीवाल तथा गीता देवी को "पिछले SIR से अनमैप्ड" मतदाताओं की श्रेणी के तहत दिया गया है। नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के केजी मार्ग के पार्ट-51 के 110 मतदाताओं में केजरीवाल और उनके परिवार के पांच सदस्यों के नाम शामिल हैं। अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली-40 विधानसभा क्षेत्र के पंजीकृत मतदाता हैं।
आम आदमी पार्टी (AAP) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सवाल उठाया कि तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों के नाम दिल्ली की मतदाता सूची से कैसे गायब हो सकते हैं। पार्टी ने पोस्ट किया कि क्या इस देश में सब कुछ सिर्फ सुप्रीम लॉर्ड को खुश रखने के लिए हो रहा है।
बृहस्पतिवार को विधानसभा क्षेत्र-40 नई दिल्ली के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) ने मीडिया रिपोर्टों पर स्पष्टीकरण जारी किया था। ERO ने कहा कि मसौदा मतदाता सूची में नाम शामिल न होना अपने आप में अयोग्यता का अंतिम निर्धारण नहीं है। यह स्पष्टीकरण 16 सितंबर को प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट के जवाब में आया था जिसमें नाम गायब होने पर सवाल उठाए गए थे। ईआरओ ने कहा कि SIR का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक छूटे नहीं और कोई अपात्र व्यक्ति शामिल न हो। बूथ लेवल अधिकारियों ने घर-घर जाकर सत्यापन किया था।
31 अगस्त को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर तैयार की गई है। जिन पात्र व्यक्तियों के नाम मसौदा सूची में नहीं हैं, वे 31 अगस्त से 30 सितंबर तक चलने वाली अवधि के दौरान फॉर्म 6 के माध्यम से नाम शामिल कराने का दावा प्रस्तुत कर सकते हैं। दिल्ली के लिए मसौदा सूची प्रकाशित होने पर 47 लाख से अधिक नाम हटाए गए थे।