करवा चौथ पर दिल्ली के बाजारों में उमड़ी भीड़, परंपरा से जुड़ीं कुंवारी लड़कियां
दिल्ली के बाजारों में करवा चौथ की जबरदस्त रौनक है। शादीशुदा महिलाओं के साथ अब कुंवारी लड़कियां भी इस परंपरा का हिस्सा बन रही हैं।

दिल्ली के बाजारों में इन दिनों करवा चौथ की जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। खासकर लाजपत नगर सेंट्रल मार्केट में महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, जहां मेहंदी लगवाने, चूड़ियां खरीदने और पारंपरिक श्रृंगार के लिए महिलाओं में भारी उत्साह है। गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को मनाया जा रहा यह त्योहार दिल्ली की सड़कों और बाजारों में एक अलग ही रंग बिखेर रहा है।
इस बार की खास बात यह है कि केवल शादीशुदा महिलाएं ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में कुंवारी लड़कियां भी इस परंपरा का हिस्सा बन रही हैं। इनमें से कई लड़कियां पहली बार यह व्रत रख रही हैं, जिसके कारण उनके चेहरे पर घबराहट और उत्साह दोनों साफ नजर आ रहे हैं। वहीं कुछ लड़कियां पिछले छह सालों से इस परंपरा का पालन कर रही हैं। जहां शादीशुदा महिलाएं सूर्योदय (सुबह करीब 6:31 बजे) से लेकर चांद निकलने (रात 8:17 बजे) तक निर्जला व्रत रखती हैं, वहीं कुंवारी लड़कियां आमतौर पर 'फलाहार' व्रत रखती हैं, हालांकि कुछ सगाईशुदा लड़कियां पूर्ण निर्जला व्रत भी रख रही हैं।
उपवास के अलग तरीके और सरकारी पहल
परंपरा के अनुसार, कुंवारी लड़कियों के व्रत खोलने का तरीका अलग होता है। वे चांद के बजाय तारों या ध्रुव तारे को अर्घ्य देकर अपना उपवास तोड़ती हैं। इस उत्सव के बीच दिल्ली सरकार ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 28 अक्टूबर को एक विशेष कार्यक्रम के दौरान 51 नवविवाहित महिलाओं को करवा चौथ गिफ्ट किट और 1-1 लाख रुपये के चेक वितरित किए, जो इस सांस्कृतिक उत्सव के प्रति सरकार की सहभागिता को दर्शाता है।