दिल्ली-करनाल नामो भारत RRTS: डिजाइन का काम शुरू, अब 90 मिनट में तय होगा सफर

दिल्ली से करनाल के बीच 136 किमी लंबा नामो भारत RRTS कॉरिडोर जल्द होगा तैयार, समय की होगी भारी बचत। जानें पूरा रूट और प्लान।

Kittu Kumari26 October 20262 min read0 viewsNCR
दिल्ली-करनाल नामो भारत RRTS: डिजाइन का काम शुरू, अब 90 मिनट में तय होगा सफर

दिल्ली और हरियाणा के बीच यात्रा करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। 136 किलोमीटर लंबे दिल्ली-करनाल नामो भारत RRTS कॉरिडोर का रास्ता अब साफ होता दिख रहा है और इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए डिजाइनिंग का काम आधिकारिक तौर पर शुरू कर दिया गया है। इस कॉरिडोर के चालू होने के बाद दिल्ली से करनाल के बीच का सफर, जिसमें अभी करीब 3.5 से 4 घंटे लगते हैं, घटकर मात्र 90 मिनट रह जाएगा।

इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात इसकी रफ्तार है। यह ट्रेन अधिकतम 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी, जबकि इसकी औसत गति 120 किमी प्रति घंटा रहने की उम्मीद है। कुछ अनुमानों के मुताबिक, 135 किमी का यह सफर बेहद तेज गति से पूरा किया जा सकेगा। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) इस पूरे प्रोजेक्ट की देखरेख कर रहा है और अब एलिवेटेड ट्रैक, डिपो और प्रॉपर्टी डेवलपमेंट के लिए डिजाइन कंसल्टेंट्स की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

33 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट और शानदार रूट

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हरियाणा कैबिनेट ने 25 मार्च 2026 को इस प्रोजेक्ट को अपनी मंजूरी दे दी थी। इस पूरे बुनियादी ढांचे की अनुमानित लागत 33,000 करोड़ रुपये से अधिक है, जिसमें से हरियाणा सरकार 7,472 करोड़ रुपये का योगदान देगी। प्रोजेक्ट की तैयारी के लिए मिट्टी की जांच और जियोटेक्निकल सर्वे का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है, ताकि पिलर्स और ट्रैक के स्ट्रक्चर को मजबूती दी जा सके।

यह रूट दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर नरेला, कुंडली, सोनीपत, गन्नौर और पानीपत से होते हुए करनाल तक जाएगा। इस कॉरिडोर पर कुल 17 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें मुख्य रूप से सराय काले खां, कुंडली, मुरथल, गन्नौर, पानीपत सिटी और करनाल ISBT जैसे स्टेशन शामिल हैं।

सफर को और आसान बनाने के लिए इसे 'इंटरऑपरेबल' रखा गया है। यानी यात्री सराय काले खां से दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ और दिल्ली-गुरुग्राम-SNB लाइनों पर बिना ट्रेन बदले सफर कर सकेंगे। इसके अलावा, हरियाणा सरकार ने इसे अपनी ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) पॉलिसी के तहत लाया है, जिससे स्टेशनों के आसपास मॉल, होटल और हाउसिंग सोसायटियों जैसे कमर्शियल प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा मिलेगा। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल भी इस प्रोजेक्ट की केंद्रीय मंजूरियों के लिए उच्च स्तरीय चर्चाओं में जुटे हुए हैं।

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