दिल्ली-करनाल नमो भारत कॉरिडोर: अब 90 मिनट में पूरा होगा सफर, तैयारी तेज
दिल्ली से करनाल का सफर अब सिर्फ 90 मिनट में तय होगा। नमो भारत RRTS कॉरिडोर की तैयारी तेज, जानें रूट और स्टेशनों की पूरी डिटेल।

दिल्ली से हरियाणा के करनाल तक का सफर अब बेहद आसान और तेज होने जा रहा है। दिल्ली-करनाल नमो भारत कॉरिडोर की तैयारियां अब रफ्तार पकड़ चुकी हैं, जिससे इस लंबी दूरी को तय करने में लगने वाला समय घटकर महज 90 मिनट रह जाएगा। यह प्रोजेक्ट न केवल यात्रा के समय को कम करेगा, बल्कि एनसीआर (NCR) में आधुनिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
लगभग 136.30 किलोमीटर लंबे इस इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में कुल 17 स्टेशन बनाए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी कॉरिडोर की अनुमानित लागत 33,051 करोड़ रुपये से 34,740 करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है। हरियाणा सरकार ने इस प्रोजेक्ट में अपनी हिस्सेदारी के तौर पर करीब 7,472 करोड़ रुपये देने का वादा किया है। साथ ही, 22 सितंबर 2026 को इस कॉरिडोर को राज्य की ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) पॉलिसी में भी शामिल कर लिया गया है।
रूट और स्टेशनों की पूरी जानकारी
नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) ने इस प्रोजेक्ट के लिए जरूरी सॉइल और जियोटेक्निकल जांच पूरी कर ली है, ताकि एलिवेटेड ट्रैक और पिलरों की मजबूती सुनिश्चित की जा सके। यह रूट दिल्ली से शुरू होकर सोनीपत, समालखा, गन्नौर, पानीपत और फिर करनाल तक जाएगा।
- पानीपत के स्टेशन: समालखा, सिवाह बस स्टैंड, पानीपत सिटी और सेक्टर-18 में एक भविष्य का स्टेशन।
- करनाल के स्टेशन: ISBT, सेक्टर 7, घरौंडा, कोहंड और करनाल बाईपास पर एक संभावित स्टेशन।
इस कॉरिडोर का अंत दिल्ली के सराय काले खां हब स्टेशन पर होगा, जिससे यात्रियों को अन्य RRTS लाइनों के साथ तालमेल बिठाने और बदलने में आसानी होगी। हाल ही में 18 अक्टूबर को 'नमो भारत दिवस 2026' मनाया गया, जिसमें केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने इस प्रोजेक्ट के जरिए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर जोर दिया। फिलहाल, यह प्रोजेक्ट केंद्रीय कैबिनेट की अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद काम में और तेजी आएगी।