दिल्ली के कलरीपायट्टू एथलीटों ने लीग प्रतियोगिता में जीते 5 मेडल, श्रेया और मेधा का शानदार प्रदर्शन

दिल्ली के कलरीपायट्टू एथलीटों ने हाल ही में एक लीग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल पांच मेडल जीते हैं। इस प्रतियोगिता में दो गोल्ड और तीन ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं, जो 8 अगस्त 2026 को सामने आए। यह उपलब्धि दिल्ली-एनसीआर के खिलाड़ियों के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतरीन प्रदर्शन को दिखाती है।
किस खिलाड़ी ने जीता कौन सा मेडल
श्रेया ने स्वॉर्ड-शील्ड और हाई किक कैटेगरी में दो गोल्ड मेडल जीतकर अपनी अलग पहचान बनाई। मेधा शर्मा ने भी स्वॉर्ड-शील्ड इवेंट में एक गोल्ड मेडल हासिल किया। श्रेया और मेधा की जोड़ी ने उरुमी-शील्ड डिसिप्लिन में ब्रॉन्ज मेडल जीता। इसके अलावा, नंदना बिनु और शिवप्रिया पीवी ने लॉन्ग स्टाफ फाइट में और आदिनाथ केबी तथा अद्वैत वी नायर ने लड़कों की उरुमी-शील्ड कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए।
कोच और संगठन की भूमिका
इन एथलीटों की सफलता का श्रेय मुख्य रूप से उनके कोच डॉ. सुमेश पीबी को जाता है, जो दिल्ली कलरीपायट्टू एसोसिएशन (DKA) के जनरल सेक्रेटरी भी हैं। डॉ. सुमेश ने विभिन्न संस्थानों में कई छात्रों को कलरीपायट्टू और थिएटर की ट्रेनिंग दी है। DKA दिल्ली में कलरीपायट्टू के संरक्षण, प्रचार और प्रसार में अहम भूमिका निभाता है और दिल्ली स्टेट स्कूल गेम्स के तहत प्रतियोगिताओं का आयोजन करता है।
नियम पुस्तिका और कानूनी मामले
इस खेल की बढ़ती पहचान को देखते हुए, DKA ने अपनी वेबसाइट पर 6th नेशनल स्कूल गेम्स (2025-26) के लिए "कलरीपायट्टू रूल बुक" जारी की है, जिसमें विस्तृत नियम और स्कोरिंग के तरीके बताए गए हैं। इसके अलावा, जनवरी 2025 में, दिल्ली हाईकोर्ट ने 38th नेशनल गेम्स 2025 के लिए कलरीपायट्टू को मेडल स्पोर्ट से डिमॉन्स्ट्रुएशन इवेंट में बदलने के भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के फैसले की समीक्षा का आदेश दिया। फरवरी 2025 में, हाईकोर्ट ने IOA के इस रुख की आलोचना की और कहा कि यह कहना असंभव है कि कलरीपायट्टू का व्यापक राष्ट्रीय प्रभाव नहीं है। इसके बढ़ते महत्व को देखते हुए, दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय की स्पोर्ट्स ब्रांच ने दिल्ली स्टेट स्कूल गेम्स में अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्ग (लड़के और लड़कियां) के लिए कलरीपायट्टू प्रतियोगिताओं को अनिवार्य किया था, जो 26 दिसंबर 2025 को शुरू होनी तय थीं।