दिल्ली किशोर न्याय बोर्ड का बड़ा कदम, अपराध रोकने के लिए नौ नाबालिगों को दी सशर्त जमानत

दिल्ली की एक किशोर न्याय बोर्ड ने अपराध से दूर रखने के लिए नौ नाबालिगों को जमानत दे दी है। इस फैसले के तहत उन्हें राष्ट्रीय राजधानी से बाहर रहने का सख्त निर्देश दिया गया है। यह आदेश सितंबर 2026 में पूर्वी जिले के किशोर न्याय बोर्ड-4 द्वारा जारी किया गया था। फैसले के अनुसार इन नाबालिगों को दिल्ली से बाहर रहना होगा और शहर में प्रवेश करने से पहले बोर्ड को इसकी सूचना देनी होगी।
बोर्ड ने यह शर्त रखी है कि ये सभी नाबालिग रिश्तेदारों की देखरेख में रहेंगे। इन्हें अपनी पढ़ाई और करियर के विकास पर पूरा ध्यान देने का निर्देश दिया गया है। इन नौ में से छह नाबालिग मयूर विहार में एक 17 वर्षीय छात्र की हत्या के मामले में आरोपी हैं। यह घटना जनवरी में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुए विवाद के बाद हुई थी।
इन छह नाबालिगों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 115(2), 126(2) और 3(5) के तहत आरोप दर्ज हैं। बाकी तीन नाबालिगों के मामलों की विशिष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इस पूरी न्यायिक प्रक्रिया में जांच अधिकारी इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार, वकीलों और परिजनों ने हिस्सा लिया।
यह जमानत आदेश माता-पिता, वकीलों, सामाजिक जांच रिपोर्ट और विशेषज्ञ परामर्श की समीक्षा के बाद तैयार किया गया था। इस अनूठी पहल का उद्देश्य नाबालिगों को अपराध के चक्र से बाहर निकालना है। उन्हें उस माहौल से दूर रखा गया है जहां उन्होंने कथित अपराध किए थे ताकि उनका पुनर्वास किया जा सके।