दिल्ली के जसोल इलाके में 15 साल का आठवीं कक्षा का छात्र मिथुन खुले नाले में गिरने के बाद से लापता है और उसकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। यह घटना शनिवार, 22 अगस्त 2026 को सुबह करीब 11 बजे हुई जब लड़का पतंग पकड़ने की कोशिश करते हुए नाले में गिर गया था। 24 अगस्त 2026 तक लापता बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। लापता छात्र के पिता अवधेश ऑटो-रिक्शा ड्राइवर हैं और वे अपने बेटे को ढूंढने के लिए खुद कचरे से भरे नाले में उतर गए हैं। बच्चे की मां का रो-रोकर बुरा हाल है और वह लगातार मदद की गुहार लगा रही है। वहीं, लापता लड़के के भाई धर्मेंद्र ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि गरीब होने के कारण उनके परिवार की उपेक्षा की जा रही है।
इस मामले में दिल्ली पुलिस, नगर निगम (MCD), फायर डिपार्टमेंट, नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) और बोट क्लब की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। स्थानीय लोगों ने भी तलाश में मदद की है और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ गुस्सा जताते हुए 23 अगस्त को जसोल मेट्रो स्टेशन के पास सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।
परिवार और प्रदर्शनकारियों ने NDRF पर नाले में ठीक से आगे न बढ़ पाने का आरोप लगाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से छोड़े जाने वाले पानी की वजह से यह नाला बहुत खतरनाक हो गया है।
स्थानीय पार्षद मनीष चौधरी ने बताया कि नाले में भारी गाद (silt) और कचरा फंसा हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि नाले के दोनों तरफ रिहायशी इमारतें होने के कारण मलबा हटाने के लिए बुलडोजर जैसी भारी मशीनों का इस्तेमाल करना नामुमकिन है।
23 अगस्त को सर्च ऑपरेशन में कुछ समय के लिए रुकावट आई थी, लेकिन अधिकारियों के अनुसार 24 अगस्त तक NDRF और बोट क्लब की टीमों द्वारा तलाश जारी थी।