दिल्ली के दक्षिण-पूर्व इलाके के जसौला में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहाँ शनिवार, 22 अगस्त 2026 को पतंग पकड़ने के दौरान 15 साल का छात्र मिथुन एक खुले नाले में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई. लगभग चार दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को उसका शव बरामद किया गया. इस तलाश के दौरान, लड़के के पिता अवधेश कुमार अपने बेटे को खोजने की एक दर्दनाक कोशिश में नाले से खुद कचरा साफ करते हुए नजर आए थे.
इस दुर्घटना के बाद, दिल्ली नगर निगम (MCD) ने सोमवार, 24 अगस्त 2026 को ड्यूटी में कथित लापरवाही के लिए
जूनियर इंजीनियर अनुज कुमार (M-IV) को निलंबित कर दिया और उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही शुरू कर दी. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना पर गहरा दुख जताया और जवाबदेही तय करने के लिए नाले के अधिकार क्षेत्र पर तत्काल रिपोर्ट मांगी है. 'कच्चा नाला' के रखरखाव की जिम्मेदारी को लेकर विवाद बना हुआ है; दिल्ली जल बोर्ड का दावा है कि नाला MCD को सौंप दिया गया था, जबकि MCD का कहना है कि यह सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के अंतर्गत आता है. इस मामले पर सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट द्वारा एक औपचारिक रिपोर्ट तैयार की जा रही है.
इस बहु-एजेंसी सर्च अभियान में दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और बोट क्लब की टीमें शामिल थीं. हालांकि New Delhi Municipal Council (Drainage) Bye-laws, 2006 (Source:
New Delhi Municipal Council (Drainage) Bye-laws, 2006) शहर की जल निकासी के लिए सामान्य प्रावधान प्रदान करते हैं, लेकिन वर्तमान में ऐसे नालों पर ग्रिल या बैरिकेड लगाने का कोई विशेष आदेश नहीं है. नियमित रूप से गाद निकालने और जहरीली गैसों को बाहर निकालने के लिए इस प्रथा से आमतौर पर बचा जाता है.