नहर की मरम्मत के बावजूद दिल्ली के 22 इलाकों में पानी की सप्लाई नहीं होगी बाधित: DJB
ऊपरी गंगा नहर के रखरखाव के बावजूद दिल्ली जल बोर्ड ने 22 इलाकों में निर्बाध जल आपूर्ति का भरोसा दिया है। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

राजधानी दिल्ली के निवासियों के लिए एक राहत भरी खबर है। दिल्ली जल बोर्ड ने साफ कर दिया है कि शहर के 22 चिन्हित इलाकों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह से निर्बाध रहेगी। यह आश्वासन ऐसे समय में आया है जब ऊपरी गंगा नहर के वार्षिक रखरखाव के कारण शहर में पानी की किल्लत होने की खबरें चर्चा में थीं। जल बोर्ड के अनुसार, 8 नवंबर तक इन क्षेत्रों में पानी की सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
दरअसल, उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा ऊपरी गंगा नहर का सालाना रखरखाव कार्य किया जा रहा है, जो 20-21 अक्टूबर की आधी रात से शुरू हुआ है और 8-9 नवंबर की आधी रात तक चलेगा। इस दौरान नहर की सफाई (डीसिल्टिंग) और साल 2027 में होने वाले अर्ध कुंभ मेले की तैयारियां की जा रही हैं। इस वजह से पानी की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका थी, लेकिन दिल्ली जल बोर्ड ने इसकी वैकल्पिक व्यवस्था कर ली है।
यमुना के पानी से होगी आपूर्ति, स्वाद में हो सकता है बदलाव
नहर से पानी की सप्लाई बंद होने के कारण, दिल्ली जल बोर्ड अब सोनिया विहार और भागीरथी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए यमुना नदी से कच्चा पानी ले रहा है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इस पानी को पूरी तरह से ट्रीट किया जाएगा ताकि यह सुरक्षा मानकों पर खरा उतरे, हालांकि निवासियों को पानी के स्वाद या उसमें मौजूद खनिजों (मिनरल्स) में थोड़ा बदलाव महसूस हो सकता है।
इससे पहले एनडीएमसी (NDMC) ने भारती नगर, गोल्फ लिंक्स, लोधी एस्टेट, खान मार्केट, राष्ट्रपति भवन और पीएमओ सहित कई महत्वपूर्ण इलाकों में आपूर्ति बाधित होने और स्वाद बदलने की चेतावनी जारी की थी। लेकिन अब जल बोर्ड के इस कदम से इन क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिली है।
दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ जहां बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 8,941.22 करोड़ रुपये की 43 डीजेबी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया है, वहीं दूसरी ओर यमुना की स्थिति अब भी चिंताजनक है। हाल ही में कालिंदी कुंज के पास यमुना की सतह पर जहरीला झाग देखा गया, जबकि नदी के कायाकल्प के लिए लगभग 9,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।