दिल्ली जल बोर्ड घोटाला: राउज एवेन्यू कोर्ट ने पंकज वर्मा को दो दिन की एसीबी कस्टडी में भेजा

दिल्ली जल बोर्ड (DJB) सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टेंडर घोटाले के मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की है। कोर्ट ने सृजनहार एंटरप्राइजेज के मालिक पंकज वर्मा को दो दिन की एसीबी (ACB) कस्टडी में भेज दिया है। पंकज वर्मा को पूछताछ के लिए यह कस्टडी दी गई है और यह रिमांड 27 अगस्त दोपहर 2:00 बजे तक जारी रहेगी। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए एएनआई की रिपोर्ट देखी जा सकती है।
कस्टडी और साजिश का खुलासा
विशेष न्यायाधीश (MP-MLA कोर्ट) दिग् विनय सिंह ने कस्टडी की मांग को मंजूरी दे दी है। अदालत ने यह नोट किया कि इस बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए यह पूछताछ जरूरी है। इस मामले की शुरुआत 10 मई 2024 को सतर्कता निदेशालय, GNCTD के एक संदर्भ से हुई थी, जिसमें चार प्रोजेक्ट पैकेजों में लगभग 1,943 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है। इस पूरी कार्रवाई से जुड़ी अन्य अपडेट्स एएनआई की इस खबर में पढ़ी जा सकती हैं।
भ्रष्टाचार और टेंडर में हेराफेरी के आरोप
अधिकारियों के अनुसार टेंडर की शर्तों में हेराफेरी करके मेसर्स यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड को फायदा पहुंचाया गया था। इसमें प्रतिबंधात्मक तकनीकी विनिर्देशों का इस्तेमाल और लाभकारी शुद्धिपत्र जारी करना शामिल था। आरोपी पंकज वर्मा, जो कथित बिचौलिया विनोद चौहान के भतीजे हैं, पर आरोप है कि उन्होंने डीजेबी टेंडर कार्यों से मिलने वाले भुगतानों पर 3% कमीशन प्राप्त करने के लिए मेसर्स यूरोटेक के साथ एक समझौता बनाए रखा था।
अन्य आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई
25 अगस्त को हुई कानूनी कार्यवाही में अदालत ने पूर्व दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन की जमानत अर्जी पर अपना आदेश 3 सितंबर तक के लिए सुरक्षित रख लिया है। सत्येंद्र जैन पर रोहिणी एसटीपी की क्षमता को मनमाने ढंग से 15 MGD से बढ़ाकर 30 MGD करने का आरोप है, जिससे कथित तौर पर 123 करोड़ रुपये की लागत बढ़ गई। मामले में अन्य प्रमुख हस्तियों में पूर्व संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव, पूर्व डीजेबी सीईओ उदित प्रकाश राय और मेसर्स यूरोटेक के मालिक राजा कुमार कुर्रा शामिल हैं। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।