दिल्ली जल बोर्ड घोटाला: सीबीआई कोर्ट ने कपिल और रितेश वालिया को किया बरी

दिल्ली में राऊज एवेन्यू स्थित एक विशेष सीबीआई कोर्ट ने दिल्ली जल बोर्ड ट्यूबवेल री-बोरिंग घोटाले से जुड़े मामले में भाई कपिल वालिया और रितेश वालिया को बरी कर दिया है। यह फैसला विशेष जज संजय जिंदल द्वारा 12 और 13 सितंबर 2026 को सुनाया गया है। इस फैसले ने अगस्त 2025 की उस सजा को पलट दिया है जिसमें एडिशंड जज निशांत गर्ग ने दोनों भाइयों को तीन साल की जेल की सजा सुनाई थी।
अपने फैसले में जज ने कहा कि सीबीआई दोनों भाइयों के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए ठोस सबूत पेश करने में विफल रही। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर सका कि काम मूल वर्क ऑर्डर से अलग था, जिसमें जॉनसन पाइपों की स्थापना शामिल थी।
यह पूरा मामला 2007 और 2008 के बीच कथित धोखाधड़ी से जुड़ा है, जिसमें दिल्ली जल बोर्ड को 91.51 लाख रुपये के कथित वित्तीय नुकसान का आरोप लगाया गया था। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि भाइयों और कुछ जल बोर्ड अधिकारियों ने घटिया सामग्री का उपयोग करने और भुगतान का दावा करने के लिए जाली बिल और झूठा स्ट्रेटा चार्ट जमा करने की साजिश रची थी।
इस मामले में औपचारिक रूप से 13 सितंबर 2011 को एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद 29 नवंबर 2021 को आरोप तय किए गए थे। अभियोजन पक्ष ने पहले निचली अदालत की सजा को सुरक्षित रखने के लिए 10 सितंबर 2008 के एक विवादित चालान पर भरोसा किया था, लेकिन अब इस अपीलीय फैसले ने दोनों भाइयों को इन सभी दावों से पूरी तरह बरी कर दिया है।