दिल्ली जल बोर्ड (DJB) स्कैम मामले में Rouse Avenue Court की Special Judge Ruby Neeraj Kumar ने पूर्व कॉन्ट्रैक्टुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव को दो दिन की पुलिस कस्टडी पूरी होने के बाद 3 सितंबर तक के लिए judicial custody में भेज दिया है। इसके साथ ही अदालत ने M/s Srijanhar के प्रोपराइटर पंकज वर्मा को 25 अगस्त को अदालत के सामने पेश होने के लिए production warrant जारी किया है।
Anti-Corruption Branch (ACB) ने पहले श्रीवास्तव की कस्टडी हासिल की थी ताकि उस मोबाइल फोन को रिकवर किया जा सके जिसका इस्तेमाल WhatsApp के जरिए DJB के corrigendums शेयर करने के लिए किया गया था।
जांचकर्ताओं ने बताया कि श्रीवास्तव ने 2023 में डिवाइस को नष्ट कर दिया था, लेकिन सह-आयुक्त (co-accused) राज कुमार कुरा के फोन से जरूरी बातचीत सफलतापूर्वक बरामद कर ली गई। दिल्ली जल बोर्ड स्कैम की इस व्यापक जांच में Sewage Treatment Plants (STPs) के लिए आपराधिक साजिश और manipulated tendering processes के आरोप शामिल हैं, जिसमें Rohini STP की क्षमता बिना किसी तकनीकी औचित्य के 15 MGD से बढ़ाकर 30 MGD कर दी गई थी, जिससे अनुमानित रूप से 123 करोड़ रुपये की लागत बढ़ गई।
19 अगस्त को Special Judge Dig Vinay Singh ने पूर्व दिल्ली मंत्री सत्येंद्र जैन और चार अन्य सह-आयुक्तों—पूर्व DJB CEO उद्ित प्रकाश राय, M/s Euroteck Environment Pvt Ltd के राज कुमार कुरा, M/s AN Enterprises के नागेंद्र यादव और पंकज वर्मा—को 14 दिन की judicial custody में भेजा था।
जांच में यह आरोप लगाया गया है कि M/s Srijanhar और M/s AN Enterprises के जरिए अवैध किकबैक रूट किए गए थे, जिसमें अचल संपत्ति की खरीद में मदद के लिए बैंकिंग चैनलों के माध्यम से उद्ित प्रकाश राय को 1.5 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत ट्रांसफर की गई थी। इस मामले की विस्तृत जानकारी के लिए आप original
ANI News रिपोर्ट देख सकते हैं।