दिल्ली जल बोर्ड हादसे में मृतक के खून में मिली शराब, FSL रिपोर्ट में हुआ खुलासा

दिल्ली जल बोर्ड (DJB) द्वारा खोदे गए एक गड्ढे में मोटरसाइकिल गिरने से हुई 25 वर्षीय युवक की मौत के मामले में एक नया मोड़ आया है। दिल्ली पुलिस द्वारा 15 अक्टूबर 2026 को दाखिल की गई एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि मृतक कमल ध्यानी के खून में अल्कोहल की मात्रा पाई गई है। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट के मुताबिक, उनके खून के प्रति 100 मिलीलीटर में 150.2 मिलीग्राम एथिल अल्कोहल मौजूद था।
बता दें कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत ड्राइविंग के लिए निर्धारित सीमा 30 मिलीग्राम प्रति 100 मिलीलीटर है, जिससे यह मात्रा काफी अधिक है। हालांकि, FSL रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि क्या इस अल्कोहल की वजह से ही हादसा हुआ या इसका दुर्घटना से कोई सीधा संबंध था। फिलहाल यह मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी हरजोत सिंह औजला की निगरानी में है और जांच का मुख्य केंद्र प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और सुरक्षा में हुई भारी चूक बनी हुई है।
लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप
जांच में यह बात भी सामने आई है कि KKSPUN इंडिया लिमिटेड के निलंबित डायरेक्टर कविश गुप्ता और हिमांशु गुप्ता निलंबन के बावजूद कंपनी का संचालन कर रहे थे और रिइम्बर्समेंट की मांग कर रहे थे। जनरल मैनेजर नलिन कांत, जो ठेकेदार और दिल्ली जल बोर्ड के बीच समन्वय कर रहे थे, कथित तौर पर इन्हीं निलंबित डायरेक्टरों के सीधे निर्देशों पर काम कर रहे थे। इससे पहले डीजेबी के कार्यकारी इंजीनियर ए.के. ग्रेवाल ने कांत को सुरक्षा इंतजाम पुख्ता करने के निर्देश दिए थे, लेकिन उनकी अनदेखी की गई।
इस दर्दनाक हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की थी और एक उच्च स्तरीय जांच शुरू की थी। दिल्ली जल बोर्ड ने हालांकि यह दावा किया था कि सर्विस रोड पर बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन बाद में स्वीकार किया कि सुरक्षा उपाय पर्याप्त नहीं थे। इस लापरवाही के चलते डीजेबी के तीन अधिकारियों—एक कार्यकारी इंजीनियर, एक सहायक इंजीनियर और एक जूनियर इंजीनियर को निलंबित किया जा चुका है।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत केस दर्ज किया है। सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश कुमार प्रजापति और मजदूर योगेश को हादसे की सूचना न देने के कारण गिरफ्तार किया गया था। वहीं, हिमांशु और कविश गुप्ता को अदालत से अंतरिम सुरक्षा मिल गई है। मजिस्ट्रेट ने पुलिस को आसपास के सीसीटीवी कैमरों की कार्यक्षमता सहित विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। जल मंत्री परवेश साहिब सिंह ने भी एक समिति गठित कर साइट के निरीक्षण और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने को कहा है।