लीकेज की होगी तुरंत मरम्मत, दिल्ली जल बोर्ड ने लॉन्च किया इंटेलिजेंट कमांड सेंटर

Kittu Kumari14 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
लीकेज की होगी तुरंत मरम्मत, दिल्ली जल बोर्ड ने लॉन्च किया इंटेलिजेंट कमांड सेंटर

राजधानी दिल्ली में पानी की बर्बादी को रोकने और पाइपलाइन लीकेज की समस्या को तेजी से सुलझाने के लिए दिल्ली जल बोर्ड ने एक बड़ा कदम उठाया है। बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को जल मंत्री परवेश वर्मा ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के नए इंटेलिजेंट कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का उद्घाटन किया। इस मौके पर मंत्री ने एक विशेष इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल को भी हरी झंडी दिखाई, जिसका मकसद पानी की सप्लाई की निगरानी करना और मरम्मत कार्यों में तेजी लाना है।

मंत्री परवेश वर्मा ने इस पहल पर जोर देते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि पानी के प्रबंधन में बदलाव किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राथमिकता अब केवल समस्या को ठीक करने की नहीं, बल्कि बर्बादी को रोकने और बुनियादी ढांचे की विफलताओं को तेजी से पहचानने की होनी चाहिए। इस नई व्यवस्था से न केवल जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि पाइपलाइन लीकेज की वजह से आम जनता को होने वाली परेशानियों में भी कमी आएगी।

AI तकनीक से होगा पानी की किल्लत का समाधान

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यह नया कमांड सेंटर एक सेंट्रलाइज्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म की तरह काम करेगा, जहां शहर के पूरे वाटर नेटवर्क की निगरानी एक ही स्क्रीन पर की जा सकेगी। इस सिस्टम की खासियतें कुछ इस प्रकार हैं:

  • डिजिटल मॉनिटरिंग: इसमें उपभोक्ताओं की शिकायतों का डेटा, मेंटेनेंस लॉग और हाइड्रोलिक मॉडल शामिल होंगे।
  • AI का इस्तेमाल: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से पाइपलाइन फटने की संभावनाओं का पहले ही अंदाजा लगाया जा सकेगा और कम दबाव वाले क्षेत्रों की पहचान होगी।
  • टैंकर ट्रैकिंग: जीपीएस के जरिए पूरे टैंकर बेड़े की रियल-टाइम ट्रैकिंग की जाएगी, जिससे शिकायतों का निपटारा जल्दी होगा।
  • त्वरित कार्रवाई: इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल में 60 kVA जनरेटर, हाई-कैपेसिटी पंप और विशेष रिपेयर टूल्स लगाए गए हैं, ताकि बड़ी खराबी के समय बिना किसी बाहरी मदद के तुरंत काम शुरू किया जा सके।

इस पूरे प्रोजेक्ट का प्रबंधन JWIL इन्फ्रा लिमिटेड द्वारा किया जाएगा, जो फिलहाल चंद्रवल वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट के चरणों पर काम कर रही है। इस डिजिटल सिस्टम और आधुनिक वाहनों के समन्वय से अब फील्ड क्रू और टैंकरों को उनकी लोकेशन के हिसाब से तुरंत भेजा जा सकेगा, जिससे रिस्पांस टाइम काफी कम हो जाएगा।

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