दिल्ली जल बोर्ड का बड़ा कदम: लीकेज रोकने के लिए लॉन्च किया इंटेलिजेंट कमांड सेंटर

राजधानी दिल्ली में पानी की बर्बादी को रोकने और सप्लाई सिस्टम को आधुनिक बनाने के लिए दिल्ली जल बोर्ड ने एक बड़ी पहल की है। दिल्ली के जल मंत्री परवेश वर्मा (परवेश साहिब सिंह) ने शहर के जल प्रबंधन ढांचे को डिजिटल बनाने के लिए 'इंटेलिजेंट कमांड एंड कंट्रोल सेंटर' (ICCC) का उद्घाटन किया है। इस नई सुविधा के साथ-साथ एक विशेष इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल भी तैनात किया गया है, ताकि पाइपलाइन फटने या किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
यह ICCC एक तरह का डिजिटल हब है, जो SCADA सिस्टम, GIS, स्मार्ट मीटर और उपभोक्ताओं की शिकायतों से मिलने वाले डेटा को एक जगह इकट्ठा करेगा। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल ट्विन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब विभाग केवल खराबी आने के बाद उसे ठीक नहीं करेगा, बल्कि पहले से ही अंदाजा लगा सकेगा कि पाइपलाइन कहां फट सकती है या किन इलाकों में पानी का दबाव कम है।
स्मार्ट मीटर और आधुनिक तकनीक से बदलेगी व्यवस्था
इस प्रोजेक्ट को और प्रभावी बनाने के लिए दिल्ली जल बोर्ड ने IIT कानपुर और एयरवत रिसर्च फाउंडेशन के साथ हाथ मिलाया है। वहीं, इस सेंटर का प्रबंधन JWIL इन्फ्रा लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जो चंद्रावल वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट के कुछ हिस्सों की देखरेख भी कर रहा है।
इस पूरी योजना के तहत दक्षिण दिल्ली के वाटर नेटवर्क को सुधारने के लिए 6,044 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। इसके तहत करीब 3,89,892 कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे, जिससे पानी के निरंतर बहाव और लीकेज का पता लगाया जा सकेगा।
मंत्री परवेश वर्मा ने भरोसा दिलाया कि इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य पानी की बर्बादी को रोकना और आम जनता को होने वाली परेशानी को कम करना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 के नियमों का पालन करते हुए सारा डेटा पूरी तरह से दिल्ली जल बोर्ड के नियंत्रण में रहेगा।