गांधी नगर और पटपргаंज में सीवर-पानी की समस्या होगी दूर, दिल्ली जल बोर्ड ने दिए 56 लाख की मंजूरी

Kittu Kumari10 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
गांधी नगर और पटपргаंज में सीवर-पानी की समस्या होगी दूर, दिल्ली जल बोर्ड ने दिए 56 लाख की मंजूरी

दिल्ली के गांधी नगर और पटपргаंज इलाकों में रहने वाले लोगों को अब सीवर ओवरफ्लो और गंदे पानी की समस्या से राहत मिल सकती है। दिल्ली जल बोर्ड ने इन विधानसभा क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए करीब 56 लाख रुपये की चार बड़ी विकास योजनाओं को हरी झंडी दे दी है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय निवासियों को जलभराव, सीवर ब्लॉकेज और पीने के पानी में मिलने वाली गंदगी जैसी गंभीर समस्याओं से निजात दिलाना है।

योजना के मुताबिक, गांधी नगर के वार्ड नंबर 212 में सीवर नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए तीन अलग-अलग प्रोजेक्ट्स शुरू किए जाएंगे। इसमें राजगढ़ कॉलोनी और चांद मोहल्ला जैसे इलाकों में विशेष 'सीवर क्लीनिंग मशीनों' (SCM) के जरिए सीवर लाइनों की सफाई (डी-सिल्टिंग) की जाएगी। जल बोर्ड का मानना है कि इन उपायों से सीवेज और पीने के पानी के मिलने के जोखिम को कम किया जा सकेगा, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार होगा।

पुरानी पाइपलाइनों और दूषित पानी की चुनौती

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राजधानी में पानी की गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से चिंताएं बनी हुई हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 1 अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 के बीच दूषित पानी की करीब 45,000 शिकायतें दर्ज की गई थीं, जिनमें से 9,308 शिकायतें अकेले ट्रांस-यमुना क्षेत्र (जिसमें पटपргаंज शामिल है) से थीं। अधिकारियों का कहना है कि बुनियादी ढांचे का पुराना होना, बूस्टर पंपों का अवैध इस्तेमाल और घरों के सर्विस कनेक्शन में लीकेज इस समस्या की मुख्य वजहें हैं।

हालांकि बोर्ड ने इस साल की शुरुआत में दूषित पानी की शिकायतों पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई थी और त्वरित समाधान के निर्देश दिए थे, लेकिन चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं। एक तरफ जहां नए प्रोजेक्ट्स मंजूर हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने पटपргаंज औद्योगिक क्षेत्र में सीवर कार्यों के दौरान धूल प्रदूषण फैलाने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

गौरतलब है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने भी पहले ही कुछ चुनिंदा इलाकों में पुरानी पाइपलाइनों को बदलने का आदेश दिया था, जिसे अगस्त 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। अब इन नए प्रोजेक्ट्स से उम्मीद है कि गांधी नगर और पटपргаंज के लोगों को बुनियादी सुविधाओं में सुधार देखने को मिलेगा।

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