दिल्ली जेलों में वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग का बड़ा विस्तार, कोर्ट पेशी के लिए बनेंगी 840 नई क्यूबिकल्स

Kittu Kumari18 August 20261 min read127 viewsDelhi Local
दिल्ली जेलों में वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग का बड़ा विस्तार, कोर्ट पेशी के लिए बनेंगी 840 नई क्यूबिकल्स

दिल्ली होम डिपार्टमेंट तिहाड़, मंडoli और रोहिणी सहित दिल्ली के सभी जेल परिसरों में वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने के लिए एक व्यापक पहल का नेतृत्व कर रहा है। 18 अगस्त 2026 तक, विभाग वर्चुअल कोर्ट पेशी का समर्थन करने के लिए 840 नई विशेष क्यूबिकल्स स्थापित करने की योजना को अंतिम रूप दे रहा है। यह नई क्यूबिकल्स वर्तमान में चालू 250 सुविधाओं का स्थान लेंगी और उन्हें और मजबूत करेंगी।

वर्चुअल सुनवाई का दायरा और उद्देश्य

इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य हाई-रिस्क कैदियों (जैसे हाई-प्रिफ़ाइल कैदियों और प्रतिद्वंद्वी गैंगस्टर्स) के साथ-साथ आम कैदियों के लिए भी वर्चुअल सुनवाई की सुविधा प्रदान करना है। सीनियर गवर्नमेंट अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन मामलों में ट्रायल के दौरान क्रॉस-एग्जामिनेशन सख्ती से जरूरी नहीं है, उनमें कैदियों को वीडियो लिंक के माध्यम से ही कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा।

सुरक्षा जोखिम और प्रशासनिक लाभ

इस पहल के पीछे कई रणनीतिक उद्देश्य हैं, जिसमें रोहिणी कोर्ट परिसर के भीतर 2021 में गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की हत्या जैसे गंभीर सुरक्षा जोखिमों को कम करना और सरकारी संसाधनों का सही उपयोग करना शामिल है। वर्चुअल पेशी पर शिफ्ट होने से अधिकारियों का उद्देश्य प्रतिदिन लगभग 2,000 कैदियों को कोर्ट ले जाने से जुड़े लॉजिस्टिक बोझ और वित्तीय लागत को कम करना है। इसके अलावा, अधिकारियों ने नोट किया कि इस बदलाव से सुरक्षा मैनपावर की कमी कम होगी और ट्रांजिट से जुड़ी घटनाओं की संभावना न्यूनतम हो जाएगी।

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