दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का बड़ा कदम: 42 कॉरिडोर पर लागू होगा इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम

राजधानी दिल्ली की सड़कों पर घंटों जाम में फंसने वाले लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अब शहर की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और स्मार्ट बनाने जा रही है। इसके लिए दिल्ली इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) पर तेजी से काम किया जा रहा है, जिसका मकसद न केवल ट्रैफिक जाम को कम करना है, बल्कि सड़कों पर सुरक्षा को बढ़ाना और वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाना है।
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने मंजूरी दी है, जिसकी कुल लागत लगभग 1,789.52 करोड़ रुपये है। यह पूरा सिस्टम दिल्ली के 42 प्रमुख ट्रैफिक कॉरिडोर को कवर करेगा। इस प्रोजेक्ट की कमान C-DAC के हाथों में है, जो प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट के तौर पर काम कर रहा है। इस पूरे सिस्टम को तीन चरणों में 24 महीनों के भीतर लागू किया जाएगा, जिसके बाद पांच साल तक इसका संचालन और रखरखाव किया जाएगा।
AI सिग्नल और ऑटोमैटिक चालान से होगी निगरानी
इस नई व्यवस्था में तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया गया है। शहर के 1,092 स्थानों पर AI-आधारित 'एडेप्टिव ट्रैफिक सिग्नल' लगाए जाएंगे, जो ट्रैफिक के दबाव के हिसाब से खुद को एडजस्ट करेंगे। इसके अलावा, 1,029 जगहों पर ऑटोमेटेड एनफोर्समेंट सिस्टम लगाए जा रहे हैं। इसका मतलब है कि अब नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं होगी।
- रेड लाइट जंप करने पर तुरंत ऑटोमैटिक चालान कटेगा।
- ओवरस्पीडिंग और गलत दिशा (Wrong Way) में गाड़ी चलाने वालों पर नजर रहेगी।
- गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वालों को भी डिजिटल चालान भेजा जाएगा।
सिर्फ जुर्माना ही नहीं, बल्कि यह सिस्टम आपातकालीन सेवाओं के लिए 'ग्रीन कॉरिडोर' बनाने में भी मदद करेगा, ताकि एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी गाड़ियां बिना रुके मंजिल तक पहुंच सकें। साथ ही, इस सिस्टम को VAHAN और e-Sarathi जैसे राष्ट्रीय डेटाबेस से जोड़ा जाएगा, जिससे चोरी की गाड़ियों को ट्रैक करना आसान हो जाएगा। ट्रैफिक पुलिस ने यह भी जानकारी दी है कि डिजिटल चालानों और लोक अदालत के नोटिस अब ऑनलाइन डाउनलोड किए जा सकेंगे, जिससे आम जनता के लिए प्रक्रिया और सरल हो जाएगी।