केंद्रीय कैबिनेट ने दिल्ली के लिए 1,789.52 करोड़ रुपये के ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को दी मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार, 30 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए एक नई ट्रैफिक योजना को मंजूरी दी है। इस (PIB) के तहत दिल्ली में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लागू किया जाएगा। (DD News) के अनुसार, इस पूरी परियोजना पर कुल 1,789.52 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमैटिक चालान प्रणाली का उपयोग करके ट्रैफिक को सुधारना और सड़क सुरक्षा को बढ़ाना है।
कार्यान्वयन और तकनीकी सहयोग
इस पूरी परियोजना को लागू करने की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस को सौंपी गई है। इसके अलावा, सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ एडवांस कंप्यूटिंग (C-DAC) इस परियोजना में प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट के रूप में तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। यह नया ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम शहर के कुल 42 निर्धारित ट्रैफिक कॉरिडोर पर काम करेगा। इस परियोजना को पूरा करने के लिए 24 महीने का समय तय किया गया है, जिसे तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। इसके बाद पांच साल तक इसका संचालन और रखरखाव किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह प्रणाली दिल्ली के ट्रैफिक मैनेजमेंट को एक नया दिमाग देगी।
मुख्य विशेषताएं और आधुनिक तकनीक
इस सिस्टम में एडाप्टिव ट्रैफिक Control System (ATCS) शामिल है, जो वास्तविक समय के ट्रैफिक घनत्व के आधार पर सिग्नल के समय को खुद ही बदल देगा। इसके अलावा, इसमें रेड-लाइट जंपिंग, ओवरस्पीडिंग, गलत दिशा में ड्राइविंग, अवैध पार्किंग, और हेलमेट या सीट बेल्ट न पहनने जैसे नियमों के उल्लंघन का पता लगाने के लिए एक ऑटोमैटिक एनफोर्समेंट सुइट भी होगा। यह सिस्टम ग्रीन कॉरिडोर बनाकर आपातकालीन वाहनों को प्राथमिकता देगा। वेरिएबल मैसेज बोर्ड और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए यात्रियों को ट्रैफिक जाम और डायवर्जन की जानकारी मिलेगी। वर्तमान में दिल्ली में लगभग 7.1 मिलियन यानी 71 लाख सक्रिय पंजीकृत वाहन हैं। इस ट्रैफिक सिस्टम को सड़क के बुनियादी ढांचे का बेहतर उपयोग करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। हर चरण के सफल मूल्यांकन के बाद ही इस परियोजना का अगला चरण शुरू किया जाएगा।