दिल्ली औद्योगिक नीति 2026 मंजूर: 1000 करोड़ के बजट से बदलेगी राजधानी की औद्योगिक सूरत

दिल्ली को एक आधुनिक, तकनीक-आधारित और स्वच्छ औद्योगिक केंद्र बनाने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को दिल्ली कैबिनेट ने 'दिल्ली औद्योगिक नीति 2026' को औपचारिक मंजूरी दे दी। यह नीति अगले दस वर्षों के लिए एक विस्तृत रोडमैप है, जिसका मुख्य उद्देश्य राजधानी में निवेश को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
इस पूरी योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा 'मुख्यमंत्री उद्यमी श्री योजना' है। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों की अवधि में 1,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य नए उद्योगों को प्रोत्साहित करना और शहर के औद्योगिक ढांचे को पूरी तरह से आधुनिक बनाना है।
निवेशकों के लिए 'इन्वेस्ट दिल्ली' और डिजिटल पोर्टल की सुविधा
निवेशकों को आने वाली मुश्किलों को दूर करने के लिए सरकार 'इन्वेस्ट दिल्ली' नाम से एक समर्पित एजेंसी बना रही है। यह एजेंसी साइट चयन से लेकर नियामक मंजूरियों और शिकायतों के निपटारे के लिए एक सिंगल विंडो सिस्टम के रूप में काम करेगी। इसके साथ ही, मंजूरी की प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए 'दिल्ली उद्योग मित्र पोर्टल' भी शुरू किया जा रहा है।
सरकार ने दस प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की है, जिनमें आईटी (IT), ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs), डेटा सेंटर, हेल्थकेयर, अर्बन लॉजिस्टिक्स, सर्कुलर इकोनॉमी और प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग शामिल हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भरोसा दिलाया कि औद्योगिक बुनियादी ढांचे के उन्नयन के लिए पर्याप्त फंड उपलब्ध कराया जाएगा।
इस नीति में महिला उद्यमियों के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए गए हैं। उदाहरण के तौर पर, आईटी क्षेत्र में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश पर 25% प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 10 करोड़ रुपये है, जबकि महिला नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए यह सीमा 12 करोड़ रुपये होगी। इसके अलावा, 2 करोड़ रुपये तक की 40% किराया सहायता, सालाना 10 लाख रुपये तक का क्लाउड सर्विस सपोर्ट और नए कर्मचारियों की भर्ती पर 40,000 से 1.2 लाख रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा।
उद्योग मंत्री मंजीत सिंह सिरसा ने बताया कि इन पहलों का मकसद औद्योगिक क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करना है। इसी कड़ी में, मुख्यमंत्री ने राजस्थानी उद्योग नगर में 170 करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया। इन परियोजनाओं के तहत नौ औद्योगिक क्षेत्रों में 15 किलोमीटर सड़क और 34 किलोमीटर स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण किया जाएगा।