दिल्ली के 9 औद्योगिक क्षेत्रों का होगा कायाकल्प, सरकार खर्च करेगी 170 करोड़ रुपये

राजधानी दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों की सूरत बदलने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शहर के नौ प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के सुधार के लिए 170 करोड़ रुपये की विकास परियोजना की आधारशिला रखी है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य इन इलाकों में सालों से चली आ रही कनेक्टिविटी की समस्याओं और जलभराव की मुसीबत से निजात दिलाना है।
राजस्थानी उद्योग नगर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार इन क्षेत्रों की लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस योजना के तहत कुल 15 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जाएगा और जल निकासी के लिए 34 किलोमीटर लंबे रेनवाटर ड्रेन (नालियां) बनाए जाएंगे, ताकि बारिश के समय सड़कों पर पानी जमा न हो और कामकाज प्रभावित न हो।
25 साल बाद मिल रही है बुनियादी सुविधाएं
इस मौके पर मौजूद उद्योग मंत्री मंजीत सिंह सिरसा ने परियोजना की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि इन औद्योगिक क्षेत्रों में पिछले 25 वर्षों से कोई खास विकास कार्य नहीं हुआ था। उन्होंने बताया कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव में यहां के उद्यमियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
इस बड़े बदलाव का लाभ दिल्ली के इन नौ खास इलाकों को मिलेगा:
- राजस्थानी उद्योग नगर
- नंगलोई जाट
- S-ब्लॉक ओखला फेज-2
- GTK उद्योग नगर
- नारायणा इंडस्ट्रियल एरिया
- लॉरेंस रोड
- नजफगढ़ (रामा रोड)
- DLF मोती नगर
यह पूरी कवायद दिल्ली के औद्योगिक ढांचे को आधुनिक बनाने की एक बड़ी कोशिश है। सरकार न केवल बुनियादी ढांचे को सुधार रही है, बल्कि अगली पीढ़ी की टेक्नोलॉजी इंडस्ट्रीज को आकर्षित करने और 'नई औद्योगिक नीति 2026-2036' तैयार करने पर भी काम कर रही है, ताकि दिल्ली में व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें।