दिल्ली में हवा हुई खराब, GRAP-1 लागू: अब होटलों में तंदूर और पुरानी बसों की एंट्री पर रोक

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर प्रदूषण ने दस्तक दे दी है। गिरते तापमान के साथ हवा की गुणवत्ता में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसके बाद प्रशासन ने शहर में दिल्ली GRAP-1 प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 233 के स्तर पर पहुंच गया, जो 'खराब' श्रेणी में आता है। दोपहर 2 बजे तक यह आंकड़ा और बढ़कर 244 हो गया, जबकि इससे पिछले दिन यह 179 के 'मध्यम' स्तर पर था।
कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने आने वाले दिनों में भी प्रदूषण के इसी स्तर पर रहने का अनुमान जताया है। इसी को देखते हुए GRAP-1 के तहत कड़े कदम उठाए गए हैं। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने पुष्टि की है कि अब होटलों, रेस्टोरेंट्स और खुले ढाबों में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर पूरी तरह पाबंदी होगी। इसका सीधा मतलब है कि अब तंदूरों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा और व्यवसायों को एलपीजी या बिजली जैसे स्वच्छ ईंधन पर शिफ्ट होना होगा।
सख्त पाबंदियां और विंटर एक्शन प्लान
प्रदूषण को रोकने के लिए केवल रसोई ही नहीं, बल्कि सड़कों पर भी सख्ती बढ़ाई गई है। अब हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और उत्तराखंड जैसे पड़ोसी राज्यों से आने वाली उन बसों की दिल्ली-NCR में एंट्री बंद होगी, जो इलेक्ट्रिक, सीएनजी या BS-VI डीजल मानकों को पूरा नहीं करती हैं। इसके अलावा, आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर डीजल जेनरेटर के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने सड़कों की सफाई और कचरा जलाने वालों के खिलाफ अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं।
इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक के लिए एक 'विंटर एक्शन प्लान' की घोषणा की है। इस योजना के तहत कई बड़े बदलाव किए जाएंगे:
- नो PUC, नो फ्यूल: बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा।
- वर्क फ्रॉम होम: प्रदूषण बढ़ने पर सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% कर्मचारियों के लिए घर से काम का विकल्प होगा।
- पार्किंग फीस: निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया जाएगा।
- हॉटस्पॉट प्रोजेक्ट: 40 प्रदूषण हॉटस्पॉट्स पर नई तकनीक तैनात करने के लिए 104 करोड़ रुपये का पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा।
बता दें कि इस बार ठंड की दस्तक भी जल्दी हो गई है, जिससे न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जो सामान्य से कम है। इसी वजह से हवा में प्रदूषकों का जमाव बढ़ रहा है।