दिल्ली सरकार का बड़ा कदम: इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार के लिए शुरू हुई डिजिटल रोड मैपिंग

दिल्ली सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट को बेहतर बनाने, ट्रैफिक जाम से निपटने और प्रदूषण को कम करने के लिए एक comprehensive digital road mapping project शुरू किया है। इस प्रयास का मुख्य हिस्सा Road Asset Management System (RAMS) का विकास है, जो राजधानी में डेटा-आधारित प्लानिंग, मेंटेनेंस और मॉनिटरिंग के लिए रोड एसेट्स की एक डिजिटल इन्वेंट्री तैयार करेगा। यह रणनीतिक कदम पारंपरिक तरीकों से हटकर वैज्ञानिक और तकनीक-संचालित रोड अपकीप की ओर बदलाव का प्रतीक है।
'Know Your Road' प्रोजेक्ट और QR कोड
पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) द्वारा 22 जून 2026 को लॉन्च किए गए 'Know Your Road' प्रोजेक्ट के तहत, 60 दिनों के भीतर PWD के अधीन आने वाली सड़कों पर लगभग 2,500 QR कोड लगाए जा रहे हैं। नागरिक सड़क के मेंटेनेंस इतिहास, मरम्मत, जिम्मेदार अधिकारियों, ठेकेदारों की जानकारी प्राप्त करने और शिकायतें दर्ज करने तथा ट्रैक करने के लिए इन कोड को स्कैन कर सकते हैं। लगभग 96 लाख रुपये के बजट वाले इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाना है। इसके अलावा, CSIR-Central Road Research Institute (CSIR-CRRI) ने 3 अगस्त 2026 को शहरी सड़क निगरानी के लिए एक indigenous Network Survey Vehicle (NSV) लॉन्च किया, जो हाई-स्पीड लेजर प्रोफाइलिंग, UHD इमेजिंग, GPS/GNSS पोजीशनिंग, स्वचालित पेमेंट डिस्ट्रेस मैपिंग और AI-enabled डेटा एनालिटिक्स जैसी advanced तकनीकों से लैस है।
अधिकारियों के बयान और त्रिपक्षीय MoA समझौता
PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने प्रभावी सड़क प्रबंधन के लिए तकनीक का उपयोग करने की विभाग की प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जिससे सुरक्षा और सुविधा के लिए real-time मॉनिटरिंग, त्वरित प्रतिक्रिया और दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित हो सकें (Source: UDD Delhi)। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जोर देकर कहा कि इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य दिल्ली की सड़क प्रबंधन प्रणाली में लंबे समय से चली आ रही सूचना की कमी को पाटना, नागरिकों को सशक्त बनाना और मेंटेनेंस को अधिक पारदर्शी बनाना है। दिल्ली सरकार ने सड़क निर्माण, मेंटेनेंस, हरियाली और धूल प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण पेश करने के वास्ते 9 जून 2026 को CSIR-CRRI और School of Planning and Architecture (SPA) के साथ एक tripartite Memorandum of Agreement (MoA) पर भी हस्ताक्षर किए। इससे पहले, अगस्त 2025 में सरकार ने एक रोड एसेट मैपिंग एप्लिकेशन की योजना की घोषणा की थी।