दिल्ली में लगेंगे 250 मूर्ति संग्रह कियोस्क, अब सड़कों पर नहीं दिखेंगे विसर्जित विग्रह

राजधानी दिल्ली में धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में शहर के विभिन्न नगर निगम वार्डों में 250 मूर्ति संग्रह कियोस्क (Idol Collection Kiosks) स्थापित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि क्षतिग्रस्त मूर्तियों और पूजा सामग्री को सड़कों, सार्वजनिक स्थानों या जल निकायों में फेंकने के बजाय एक सम्मानजनक और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से निपटाया जा सके।
इस मुहिम को अमलीजामा पहनाने के लिए 15 अक्टूबर 2026 को दिल्ली नगर निगम (MCD) और प्लास्टइंडिया फाउंडेशन के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी के तहत प्लास्टइंडिया फाउंडेशन बिना किसी शुल्क के इन कियोस्क के विकास, आपूर्ति और स्थापना की जिम्मेदारी उठाएगा। एक बार कियोस्क लग जाने के बाद, MCD इनके दैनिक संचालन, रखरखाव, साफ-सफाई और एकत्रित सामग्री को रीसाइक्लिंग के लिए अधिकृत केंद्रों तक पहुंचाने का काम संभालेगी।
यमुना को प्रदूषण से बचाने की कोशिश
इस पूरी योजना की नींव मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 19 मई 2026 को रखी थी, जब उन्होंने धार्मिक कचरे के प्रबंधन के लिए जनता से सुझाव मांगे थे। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आस्था का सम्मान जरूरी है, लेकिन साथ ही दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के नियमों का पालन करना भी अनिवार्य है, जो यमुना और अन्य जल निकायों में निर्धारित क्षेत्रों के बाहर मूर्ति विसर्जन को प्रतिबंधित करते हैं।
प्रशासन के मुताबिक, 250 कियोस्क के लक्ष्य में से अब तक 60 कियोस्क दिल्ली भर में लगाए जा चुके हैं। इस महत्वपूर्ण समझौते के दौरान दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही, स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्य शर्मा, सदन के नेता जयभगवान यादव और नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार जैसे वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। यह कदम शहर को स्वच्छ रखने और जल प्रदूषण को कम करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।