दिल्ली के सरकारी अस्पतालों का हाल बेहाल: इमरजेंसी में देरी और गंदगी से मरीज परेशान

दिल्ली के सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बड़ा ग्राउंड रिपोर्ट सामने आया है, जिसमें भारी कमियों का खुलासा हुआ है। Amar Ujala नेटवर्क द्वारा 19 अगस्त 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और राम मनोहर Lohia (RML) हॉस्पिटल में गंभीर व्यवस्थाएं देखने को मिली हैं। इमरजेंसी 'रेड जोन' में आने वाले मरीजों को तुरंत इलाज मिलने से पहले रजिस्ट्रेशन पर्ची बनवाने जैसी प्रशासनिक औपचारिकतापूरी करनी पड़ती है। इस प्रशासनिक प्रक्रिया की तुलना फिल्म 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' के दृश्यों से की जा रही है।
अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी
अस्पतालों की स्थिति बेहद खराब पाई गई है, जहां फर्श पर पानी भरा हुआ था और बदबूदार शौचालयों के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुनियादी ढांचे की अनदेखी का आलम यह है कि पानी के कूलर धूल से ढके हुए हैं और खराब साइनेज के कारण रास्ता ढूंढने में मुश्किल होती है। 19 अगस्त की सुबह 1:30 बजे से 4:00 बजे के बीच RML हॉस्पिटल में मरीजों की भारी भीड़ थी, जिसके कारण कई मरीजों को बेड नहीं मिले और वे कैनुला लगे होने के बावजूद फर्श पर लेटने को मजबूर दिखे।
हालिया विवाद और अन्य बड़ी घटनाएं
इन व्यवस्थाओं के बीच हाल ही में कई विवाद भी सामने आए हैं। 17 अगस्त 2026 को AIIMS के पास वीआईपी मूवमेंट के कारण एम्बुलेंस के फंसने पर लोगों ने गुस्सा जताया था। इसके अलावा, 11 अगस्त 2026 की एक रिपोर्ट में सामने आया था कि दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में 15.42 करोड़ रुपये की साइक्लोट्रॉन मशीन कुप्रबंधन और स्टाफ की कमी के कारण 2017 से बंद पड़ी है। 4 अगस्त को AIIMS प्राइवेट वार्ड और 5 अगस्त को सफदरजंग अस्पताल के कॉरिडोर में भारी जलभराव की समस्या देखी गई थी। सामग्री खरीद में मल्टी-करोड़ धोखाधड़ी सामने आने के बाद दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने 11 अगस्त 2026 को घटिया सामग्री सप्लाई करने वाली कंपनियों की जांच के आदेश दिए हैं (Source)।
मेडिकल सीटों को बढ़ाने की योजना
इन सभी चुनौतियों के जवाब में, दिल्ली सरकार ने 18 अगस्त 2026 को मेडिकल सीटों को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने की योजना की घोषणा की है। इस योजना में मौलाना आजाद इंस्टिट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज में MBBS की क्षमता 125 से बढ़ाकर 200 करना और BDS की सीटें 50 से बढ़ाकर 70 करना शामिल है। दिल्ली के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य शहर के नागरिकों की बेहतर सेवा के लिए प्रशिक्षित डॉक्टरों और विशेषज्ञों का एक मजबूत समूह तैयार करना है।