दिल्ली में 4 साल की सबसे भारी अक्टूबर बारिश, कई इलाकों में भरा पानी

राजधानी दिल्ली में मौसम ने अचानक करवट ली और 11 से 12 अक्टूबर के बीच ऐसी बारिश हुई जिसने पिछले चार सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए। इस भारी बारिश के साथ तेज गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी देखी गईं, जिससे शहर के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। दिल्ली अक्टूबर बारिश के इस दौर ने न केवल सड़कों पर पानी भर दिया, बल्कि तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, सफदरजंग वेधशाला में 12 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में 41.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं, दिल्ली एयरपोर्ट पर भी 30 मिलीमीटर बारिश हुई। इस अचानक आई आफत की बारिश के कारण झंडेवालन मंदिर और करोल बाग जैसे इलाकों में भारी जलभराव हो गया, जिससे लोगों को आने-जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
तापमान में गिरावट और मौसम का मिजाज
इस मौसम बदलाव का असर तापमान पर भी साफ दिखा। न्यूनतम तापमान गिरकर 18.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम है। बारिश के दौरान IMD ने दिल्ली के सभी 11 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया था, जिसमें 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी गई थी।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली हवाओं ने मिलकर यह स्थिति पैदा की। हालांकि, राहत की बात यह है कि अब बारिश कम होने की उम्मीद है और अगले छह दिनों तक मौसम शुष्क रहने के साथ आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं।
दूसरी ओर, प्रदूषण की बात करें तो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 12 अक्टूबर को आनंद विहार में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 116 दर्ज किया, जिसमें PM10 मुख्य प्रदूषक के रूप में पाया गया।