दिल्ली में मौसम का बड़ा उलटफेर: 4 साल में सबसे भारी अक्टूबर बारिश, सड़कों पर भरा पानी

दिल्ली में भारी बारिश से मौसम बदला, 4 साल का रिकॉर्ड टूटा। जलभराव से ट्रैफिक जाम, लेकिन AQI में आया सुधार।

Kittu Kumari30 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली में मौसम का बड़ा उलटफेर: 4 साल में सबसे भारी अक्टूबर बारिश, सड़कों पर भरा पानी

राजधानी दिल्ली में शुक्रवार की सुबह एक बड़े बदलाव के साथ आई। रात भर हुई मूसलाधार बारिश ने न केवल शहर को बादलों और धुंध की चादर से ढक दिया, बल्कि पिछले चार सालों का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। दिल्ली में अक्टूबर की बारिश इस कदर हुई कि शहर ने 2022 के बाद अब तक की सबसे गीली अक्टूबर देखी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, शुक्रवार सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में 61.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे इस महीने की कुल बारिश 123.3 मिलीमीटर तक पहुंच गई है।

शहर के अलग-अलग इलाकों में बारिश का असर अलग-अलग रहा। सबसे ज्यादा बारिश झरोडा कलां में हुई, जहां 89.0 मिलीमीटर पानी बरसा। वहीं लोधी रोड पर 63 मिलीमीटर और सफदरजंग में 56.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इस भारी बारिश का सीधा असर तापमान पर पड़ा और सफदरजंग वेधशाला ने अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, जो सामान्य से 6 डिग्री कम है। यह पिछले चार वर्षों में अक्टूबर महीने का सबसे ठंडा दिन बन गया है।

साइक्लोन 'अर्नब' और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर

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मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, तापमान में इस अचानक गिरावट और भारी बारिश की मुख्य वजह कमजोर पड़ता चक्रवाती तूफान 'अर्नब' और एक सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का एक साथ असर होना है। हालांकि, इस बारिश ने दिल्ली वालों को प्रदूषण से थोड़ी राहत जरूर दी है, क्योंकि शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) अब 'संतोषजनक' श्रेणी में पहुंच गया है।

लेकिन इस राहत के साथ मुसीबत भी आई। शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया, जिससे ट्रैफिक की रफ्तार थम गई। खासकर हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन और जामिया मिलिया इस्लामिया जैसे इलाकों में लोगों को भारी जाम का सामना करना पड़ा।

IMD ने राजधानी के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है और चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि शनिवार से मौसम में सुधार होने की उम्मीद है। वहीं, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पंजाब और हरियाणा में अभी भी चक्रवाती तूफान का असर बना हुआ है। अनुमान है कि 1 नवंबर तक दिल्ली, चंडीगढ़ और आसपास के राज्यों में तेज हवाओं और ओलावृष्टि के साथ बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

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