वोटर लिस्ट से कटा नाम? दिल्ली हाई कोर्ट ने फॉर्म-6 के इस्तेमाल पर दी बड़ी मंजूरी

Kittu Kumari17 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
वोटर लिस्ट से कटा नाम? दिल्ली हाई कोर्ट ने फॉर्म-6 के इस्तेमाल पर दी बड़ी मंजूरी

दिल्ली में वोटर लिस्ट से नाम कट जाने के बाद परेशान मतदाताओं के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने एक बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि जिन लोगों के नाम स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान हटा दिए गए थे, वे दोबारा पंजीकरण के लिए दिल्ली वोटर लिस्ट फॉर्म-6 का इस्तेमाल कर सकते हैं। कोर्ट ने उन आशंकाओं को खारिज कर दिया है जिनमें मतदाता यह डर रहे थे कि नए पंजीकरण वाले फॉर्म का उपयोग करने पर उन पर गलत जानकारी देने का आरोप लग सकता है।

यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब दो मतदाताओं ने पुन: नामांकन की प्रक्रिया को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस अदिति चौधरी की खंडपीठ ने 14 अक्टूबर, 2026 को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे निस्तारित किया। दरअसल, दिल्ली की कुल 1.45 करोड़ की वोटर लिस्ट में से करीब 47.56 लाख नाम हटाए गए थे। ये नाम 'एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड या डुप्लीकेट' (ASDD) की श्रेणियों के तहत हटाए गए थे।

फॉर्म-8 बनाम फॉर्म-6 का विवाद

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प्रभावित मतदाताओं के बीच इस बात को लेकर डर था कि फॉर्म-6 आमतौर पर नए पंजीकरण के लिए होता है। उन्हें लगा कि अगर वे इसका इस्तेमाल करते हैं, तो भविष्य में कानूनी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि वे पहले से ही पंजीकृत थे और सुधार के लिए फॉर्म-8 का विकल्प बेहतर लगता था। हालांकि, चुनाव आयोग (ECI) के स्टैंडिंग काउंसिल संजय वशिष्ठ ने अदालत को स्पष्ट किया कि इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर के निर्देशों के अनुसार, मतदाता रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960 के तहत फॉर्म-6 भरकर अपनी समस्या का समाधान पा सकते हैं।

कोर्ट ने माना कि इस तरह के आवेदनों को कानून के मुताबिक प्रोसेस किया जाएगा और मतदाताओं को डरने की जरूरत नहीं है। गौरतलब है कि इस मुद्दे पर एक अलग चुनौती सुप्रीम कोर्ट में भी लंबित है, जिसे पारदर्शिता कार्यकर्ताओं अंजलि भारद्वाज और अमृता जौहरी ने पेश किया है। उनका तर्क है कि पहले से नामांकित लोगों के लिए फॉर्म-6 का कोई वैधानिक आधार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर 28 अक्टूबर को सुनवाई करेगा।

इससे पहले 10 सितंबर, 2026 को जस्टिस अमित बंसल ने फॉर्म की घोषणा आवश्यकताओं के खिलाफ एक याचिका को खारिज कर दिया था। अब दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 4 दिसंबर, 2026 को जारी होने की उम्मीद है, क्योंकि हटाए गए 47.56 लाख मतदाताओं के पुन: सत्यापन का काम अभी जारी है।

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