दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: शिर्डी साईं बाबा पर आपत्तिजनक कंटेंट हटाने पर केंद्र सरकार करेगी विचार

दिल्ली उच्च न्यायालय शिर्डी साईं बाबा के बारे में अपमानजनक और भड़काऊ कंटेंट हटाने पर केंद्र सरकार को विचार करने का आदेश देगा। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने कहा कि इस बारे में विस्तृत आदेश अपलोड किया जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस बारे में आदेश दिया जायेगा कि केंद्र सरकार कितने दिनों में इस मामले पर फैसला करेगी।
याचिका में क्या दी गई है जानकारी
यह याचिका श्री साईंबाबा संस्थान ट्रस्ट ने दायर की थी जो शिर्डी के साईंबाबा समाधि मंदिर की प्रबंधन करने वाली निकाय है। याचिका में कहा गया है कि यूट्यूब पर साईंबाबा को लेकर कुछ वीडियो अपमानजनक और भड़काऊ हैं। वकील प्राची दूबे के जरिये दायर याचिका के अनुसार, वीडियो के कंटेंट में साईं बाबा को लेकर कई अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है।
वीडियो में इस्तेमाल किए गए आपत्तिजनक शब्द
याचिका में बताया गया है कि साईंबाबा को ‘चांद मियां’, ‘जिहादी‘, ‘ब्रिटिश जासूस‘, ‘हत्यारा‘, ‘डकैत‘ और ‘धर्म परिवर्तन कराने वाला‘ कहा गया है। याचिका में कहा गया है कि साईं बाबा को लेकर इस तरह के वीडियो का सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है। इस तरह के कंटेंट वाले वीडियो का न तो इतिहास से कोई लेना-देना है और न ही निष्पक्ष आलोचना है, बल्कि ये भड़काऊ किस्म के हैं और इनसे धार्मिक सद्भाव बिगड़ सकता है।
गूगल, यूट्यूब और अपीलीय कमेटी से नहीं मिली राहत
याचिकाकर्ता ने इसके पहले आईटी रूल्स के तहत यूट्यूब और गूगल से इस संबंध में शिकायत की थी और आपत्तिजनक कंटेंट वाले वीडियो के यूआरएल उपलब्ध कराए थे, लेकिन यूट्यूब और गूगल ने इन वीडियो को हटाने से इनकार कर दिया। इसके बाद याचिकाकर्ता ने केंद्र सरकार की शिकायत अपीलीय कमेटी के समक्ष अपनी शिकायत रखी लेकिन वहां से भी कोई राहत नहीं मिली। अंत में याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।