दिल्ली हाईकोर्ट को मिले 7 नए जज, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कुल संख्या हुई 51

दिल्ली हाईकोर्ट में 19 सितंबर 2026 को राष्ट्रपति की औपचारिक मंजूरी के बाद सात नए जजों की नियुक्ति की गई है। इन नियुक्तियों से अदालत की कुल संख्या बढ़कर 51 हो गई है। यह जानकारी केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए दी। इन नियुक्तियों में दो स्थायी जज और पांच अतिरिक्त जज शामिल हैं।
नए जजों में निवेदिता अनिल शर्मा और निशा सहाय सक्सेना को स्थायी जज बनाया गया है, जबकि संजय शर्मा, भारत पराशर, अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज को अतिरिक्त जज नियुक्त किया गया है। अरुण भारद्वाज वर्तमान में दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के रूप में कार्यरत हैं। यह नियुक्तियां भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत के साथ परामर्श के बाद की गईं।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 10 सितंबर 2026 को आठ न्यायिक अधिकारियों की सिफारिश की थी। हालांकि, केंद्र सरकार ने इनमें से केवल सात नामों को ही अधिसूचित किया और गुरविंदर पाल सिंह को अंतिम सूची से बाहर रखा। इन नई नियुक्तियों से पहले दिल्ली हाईकोर्ट में स्वीकृत 60 पदों के मुकाबले 44 जज कार्यरत थे और 16 पद खाली थे।
यह सभी नियुक्तियां 19 सितंबर 2026 को अधिसूचित की गईं। यह आदेश दिल्ली के अलावा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, झारखंड और कर्नाटक सहित चार उच्च न्यायालयों के कुल 14 न्यायिक अधिकारियों से जुड़े प्रशासनिक कदम का हिस्सा है।