पेप्सिको को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका, 'एनर्जी ड्रिंक' लेबलिंग विवाद में राहत नहीं

Kittu Kumari12 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
पेप्सिको को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका, 'एनर्जी ड्रिंक' लेबलिंग विवाद में राहत नहीं

एनर्जी ड्रिंक्स की दुनिया की दिग्गज कंपनी पेप्सिको (PepsiCo) को दिल्ली हाई कोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने कंपनी की उस मांग को ठुकरा दिया है जिसमें उसने 'एनर्जी ड्रिंक' लेबल वाले नए स्टॉक के उत्पादन की तत्काल अनुमति मांगी थी। यह पूरा मामला लेबलिंग को लेकर चल रहे एक बड़े विवाद से जुड़ा है, जिसने कई बड़ी कंपनियों की नींद उड़ा रखी है।

सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव साम्ब्रे की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह इस केस के मेरिट पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं ले रहा है, लेकिन उसने इस मामले को वापस सिंगल-जज बेंच के पास भेज दिया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि पिछले प्रतिबंध के पीछे के विस्तृत कारणों को एक हफ्ते के भीतर स्पष्ट किया जाए।

क्या है पूरा विवाद और FSSAI का स्टैंड?

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इस विवाद की जड़ें भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के जून के एक निर्देश में छिपी हैं। FSSAI ने कंपनियों को निर्देश दिया था कि वे अपने उत्पादों के लिए 'एनर्जी ड्रिंक' शब्द का इस्तेमाल बंद करें। रेगुलेटर का तर्क है कि भारत में 'एनर्जी ड्रिंक' कोई मान्यता प्राप्त फूड कैटेगरी नहीं है और ऐसा लेबल लगाना उपभोक्ताओं को गुमराह करना है।

इस निर्देश के खिलाफ पेप्सिको के अलावा मॉन्स्टर बेवरेज, रेड बुल और रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (जो कैंपा एनर्जी ड्रिंक बनाते हैं) जैसी कंपनियां भी अदालत में चुनौती दे रही हैं। इन कंपनियों का कहना है कि FSSAI ने यह आदेश जारी करने से पहले उन्हें अपनी बात रखने का उचित मौका नहीं दिया और न ही कोई उचित नोटिस भेजा गया।

इससे पहले 6 अक्टूबर को जस्टिस अमित महाजन की सिंगल-जज बेंच ने पेप्सिको को 'एनर्जी ड्रिंक' लेबल के साथ नया स्टॉक बनाने से रोक दिया था, हालांकि पुराने स्टॉक को बेचने की अनुमति दी गई थी। इसी आदेश के खिलाफ पेप्सिको ने राहत मांगी थी, जिसे अब डिवीजन बेंच ने टाल दिया है। गौरतलब है कि 29 सितंबर को दिल्ली हाई कोर्ट ने इसी तरह की प्रक्रियात्मक खामियों के कारण रेड बुल के खिलाफ FSSAI के एक आदेश को रद्द कर दिया था।

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