दिल्ली हाईकोर्ट का कड़ा आदेश: जसोला खुले नाले में हादसे के बाद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

दिल्ली के जसोला इलाके में खुले और जहरीले नालों की वजह से लोगों की जान पर लगातार खतरा बना हुआ है। 22 अगस्त 2026 को पतंग पकड़ने के दौरान 15 साल का मिथुन खुले नाले में गिर गया था, जिसका शव एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस, डीडीएमए और दिल्ली पुलिस के भारी तलाश अभियान के बाद 25 अगस्त को तीन दिन बाद मिला। इस दर्दनाक घटना के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर जूनियर इंजीनियर अनुज कुमार को निलंबित करने का आदेश दिया।
दिल्ली हाईकोर्ट की सख्त कार्रवाई और निर्देश
26 अगस्त 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट ने शहर के ड्रेनेज सिस्टम से जुड़े सुरक्षा खतरों पर गहरी चिंता जताई। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति मनमीत पी. एस. अरोड़ा की बेंच ने ओखला, शाहीन बाग, अबुल फजल एन्क्लेव और जसोला के हिस्से वाले अबू फजल नाले पर सुरक्षात्मक स्लैब तुरंत लगाने और विभाजक दीवारें बनाने का आदेश दिया। अदालत ने नगर निगम (MCD) को आसपास के इलाकों की लगातार सफाई और डीसिल्टिंग करते रहने का निर्देश भी दिया।
अधिकारियों की लापरवाही और स्थानीय लोगों का संघर्ष
रखरखाव की जिम्मेदारी को लेकर दिल्ली जल बोर्ड, एमसीडी और सिंचाई विभाग के बीच आपसी विवाद के कारण यह खतरा और बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे इस इलाके में आने-जाने के लिए खुद ही जुगाड़ से पुल बनाने को मजबूर हैं और पिछले कुछ सालों में इस नाले में गिरने से करीब 15 से 20 लोगों की मौत हो चुकी है। यह संकट तब और गहरा गया जब 27 अगस्त 2026 को मथुरा रोड के पास एक और व्यक्ति खुले नाले में गिर गया, जिसे स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाला।
नियम और जल निकासी के प्रावधान
वर्ष 2006 के ड्रेनेज उप-नियमों के तहत नई दिल्ली नगरपालिका परिषद का निर्देश है कि सभी भूखंडों का नगरपालिका सीवर सिस्टम से सही और सुरक्षित जुड़ाव होना चाहिए स्रोत।