नकली पनीर की बिक्री पर दिल्ली हाई कोर्ट सख्त, केंद्र और FSSAI को नोटिस जारी

बाजारों में असली पनीर के नाम पर बिक रहे मिलावटी और सिंथेटिक उत्पादों पर अब कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी है। दिल्ली हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI), दिल्ली सरकार और खाद्य सुरक्षा विभाग को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने इन सभी संस्थाओं से छह हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है।
यह पूरा मामला एक ऐसी याचिका से जुड़ा है जिसमें कहा गया है कि पनीर एक मानक डेयरी उत्पाद है, लेकिन बाजार में 'एनालॉग पनीर' (गैर-दूध आधारित उत्पाद) को असली पनीर बताकर बेचा जा रहा है। याचिकाकर्ता रिधिमा सिंह और वकील अवलोकितेश्वर सिद्धार्थ का तर्क है कि इन नकली उत्पादों में असली पनीर जैसी पोषण क्षमता नहीं होती। सबसे बड़ी चिंता यह है कि होटलों और रेस्टोरेंट में खाने वाले ग्राहकों को यह पता ही नहीं चलता कि वे असली पनीर खा रहे हैं या कोई रासायनिक मिश्रण।
मिलावट के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
याचिका में यह स्पष्ट किया गया है कि मांग डेयरी एनालॉग के निर्माण पर रोक लगाने की नहीं है, बल्कि इसे 'पनीर' के नाम से पेश कर ग्राहकों को गुमराह करने से रोकने की है। गौरतलब है कि FSSAI ने भी इस दिशा में कदम उठाते हुए 25 सितंबर 2026 को एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसमें गैर-दूध घटकों वाले उत्पादों के लिए 'पनीर' शब्द के इस्तेमाल पर रोक लगाने का प्रस्ताव है।
दिल्ली और आसपास के इलाकों में मिलावटखोरों के खिलाफ हाल ही में कई बड़ी छापेमारी हुई हैं:
- ओखला सब्जी मंडी: 24 अगस्त 2026 को दिल्ली खाद्य सुरक्षा विभाग ने 508 किलो संदिग्ध पनीर नष्ट किया।
- सितंबर की कार्रवाई: 23 सितंबर को करीब 4,100 किलो मिलावटी खोया, छेना और एनालॉग पनीर जब्त किया गया।
- नूह (हरियाणा): 3 अक्टूबर को दिल्ली-NCR को सप्लाई करने वाली तीन अवैध यूनिट्स से 7,600 किलो नकली डेयरी उत्पाद पकड़े गए।
- सूरत ऑपरेशन: साल की शुरुआत में ही सूरत में 1,401 किलो नकली पनीर जब्त किया गया था, जिसकी कीमत करीब 28.44 लाख रुपये थी।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने साफ किया है कि खाद्य सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और खासकर त्योहारों के सीजन में मिलावट रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, हाई कोर्ट ने इस मामले में कोई अंतरिम राहत नहीं दी है, लेकिन नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।