'chalosansad.in' वेबसाइट सस्पेंशन मामला: दिल्ली हाई कोर्ट ने NIXI और MeitY को भेजा नोटिस

दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले में हस्तक्षेप करते हुए 'chalosansad.in' वेबसाइट के सस्पेंशन को लेकर केंद्र सरकार और इंटरनेट रेगुलेटर से जवाब मांगा है। जस्टिस अमित महाजन की पीठ ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NIXI) और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को औपचारिक नोटिस जारी किया। यह पूरी कानूनी जंग दिल्ली निवासी श्रीराम विश्वनाथन द्वारा दायर एक याचिका के बाद शुरू हुई है, जिन्होंने अपनी वेबसाइट को बंद किए जाने के फैसले को चुनौती दी है।
दरअसल, यह वेबसाइट 'चलो संसद' विरोध मार्च के दस्तावेजीकरण के लिए बनाई गई थी। यह मार्च जुलाई में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा NEET-UG पेपर लीक विवाद के खिलाफ आयोजित किया गया था। याचिका में कहा गया है कि वेबसाइट के रजिस्ट्रेशन के महज तीन दिन बाद, 22 जुलाई को NIXI ने इसे 'serverHOLD' स्टेटस में डाल दिया। शुरुआत में गलत रजिस्ट्रेशन विवरण का हवाला दिया गया, लेकिन जब विश्वनाथन ने उसी दिन सुधार कर लिया, तो NIXI ने अपना तर्क बदल दिया।
'संसद' शब्द के इस्तेमाल पर विवाद
NIXI ने अब यह दावा किया है कि डोमेन नाम में 'sansad' (संसद) शब्द का उपयोग 'कलरबल इमिटेशन' यानी एक तरह की नकल है। एजेंसी का आरोप है कि यह 'प्रतीक और नाम (अनुचित उपयोग की रोकथाम) अधिनियम' का उल्लंघन है, क्योंकि केंद्र सरकार की अनुमति के बिना ऐसे शब्दों का उपयोग प्रतिबंधित है।
दूसरी ओर, श्रीराम विश्वनाथन ने अपनी याचिका में इसे राजनीतिक अभिव्यक्ति पर पाबंदी बताया है। उनका आरोप है कि NIXI ने अपनी कार्रवाई के लिए विरोधाभासी तर्क दिए हैं और वेबसाइट बंद करने से पहले उन्हें अपनी बात रखने का कोई मौका नहीं दिया गया। फिलहाल, मूल डोमेन बंद है और वेबसाइट एक मिरर साइट 'chalosansad.com' के जरिए चल रही है।
दिलचस्प बात यह है कि यह कानूनी घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब राजधानी में विरोध प्रदर्शनों के नियमों को लेकर काफी खींचतान चल रही है। इसी दिन सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट में जंतर मंतर को विरोध स्थल के रूप में डी-नोटिफाई करने के दिल्ली पुलिस के फैसले को लेकर भी चुनौतियां पेश की गई थीं।