बिना नोटिस बिजली-पानी नहीं काटेगी NDMC, दिल्ली हाई कोर्ट ने लगाई रोक
दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि NDMC बिना पूर्व सूचना के किसी भी संपत्ति की बिजली और पानी की आपूर्ति नहीं काट सकती है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) किसी भी संपत्ति की बिजली या पानी की आपूर्ति बिना पूर्व सूचना दिए नहीं काट सकती। यह आदेश प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित रेस कोर्स मस्जिद से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सुब्रमोनियम प्रसाद और जस्टिस रेणु भटनागर की खंडपीठ ने दिया है। दिल्ली हाई कोर्ट एनडीएमसी आदेश के तहत अब यह अनिवार्य होगा कि सेवाओं को काटने से पहले उचित नोटिस दिया जाए।
यह पूरा मामला रेस कोर्स मस्जिद के इमाम मोहम्मद हारून द्वारा दायर एक याचिका से शुरू हुआ। याचिकाकर्ता का आरोप है कि 7 अक्टूबर 2026 को आसपास की झुग्गियों को तोड़े जाने के दौरान मस्जिद की बिजली और पानी की लाइनें काट दी गई थीं। उनका दावा है कि यह कार्रवाई पूरी तरह मनमानी थी, क्योंकि उन्हें न तो कोई औपचारिक आदेश दिया गया, न ही कोई नोटिस मिला और न ही उनके ऊपर कोई बकाया राशि या बिजली चोरी का आरोप था।
मस्जिद की स्थिति और कोर्ट की कार्यवाही
बता दें कि यह मस्जिद एक वक्फ-अधिसूचित ग्रेड II हेरिटेज संरचना है। इससे पहले 15 अक्टूबर को सिंगल बेंच ने इन सुविधाओं को बहाल करने से इनकार कर दिया था, जिसके खिलाफ अपील दायर की गई। अब हाई कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए NDMC और दिल्ली वक्फ बोर्ड को नोटिस जारी किया है और उनसे दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 14 दिसंबर 2026 को तय की गई है।
इस मामले में एक और महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब केंद्र सरकार ने अदालत को आश्वासन दिया कि वह दिल्ली वक्फ बोर्ड के आवेदन पर विचार करेगी। सरकार ने वादा किया है कि जब तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक मस्जिद के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई या तोड़फोड़ नहीं की जाएगी। फिलहाल यह मामला लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (L&DO) की भूमि पुनर्प्राप्ति प्रक्रिया से भी जुड़ा हुआ है।