Delhi High Court का बड़ा फैसला: Live-in Relationships को बताया शादी के समान, कपल को मिली सुरक्षा

दिल्ली हाई कोर्ट ने 13 अगस्त 2026 को जारी एक फैसले में यह स्पष्ट किया है कि बालिगों के बीच Live-in Relationships कानूनी रूप से शादी के समान हैं। अदालत ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपना साथी चुनने और उसके साथ रहने का मौलिक अधिकार है। इस फैसले के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
• 13 अगस्त 2026 को आया दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला
• बालिगों के लाइव-इन रिश्तों को बताया शादी के समान
• महिला के परिवार से धमकियां मिलने के बाद कपल ने मांगी थी सुरक्षा
• अदालत ने स्थानीय पुलिस को दिए कपल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश
कपल को मिली थी परिवार से धमकियां
अदालत का यह फैसला 30 साल की उम्र के एक कपल द्वारा दायर की गई याचिका पर आया है। इस कपल ने महिला के पिता और भाई से हिंसा की धमकियां मिलने के बाद अदालत का दरवाजा खटखटाया था। कपल ने पहले स्थानीय Station House Officer (SHO) से संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने बताया कि कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद उन्हें High Court में अपील करनी पड़ी।
संविधान के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार
सुनवाई के दौरान जस्टिस सौरभ बनर्जी ने संविधान के Articles 19 और 21 का हवाला दिया, जो स्वतंत्रता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की गारंटी देते हैं। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि सामाजिक पूर्वाग्रहों को किसी व्यक्ति की पहचान या संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं करना चाहिए। अदालत ने 'Nandakumar & Anr. v. State of Kerala & Ors.' (2018) और 'Shafin Jahan v. Asokan K.M.' जैसे सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का भी उल्लेख किया। इसके अलावा, अदालत ने Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 को ऐसे रिश्तों की विधायी मान्यता के रूप में रेखांकित किया।
स्थानीय पुलिस को सुरक्षा देने के निर्देश
इस आदेश के बाद, दिल्ली हाई कोर्ट ने स्थानीय पुलिस को निर्देश दिया है कि वे कपल को आवश्यक सुरक्षा प्रदान करें ताकि परिवार के किसी भी हस्तक्षेप से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।