जंतर मंतर विरोध प्रदर्शन: दिल्ली हाई कोर्ट 13 अक्टूबर को करेगा याचिकाओं पर सुनवाई

राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर को विरोध प्रदर्शन के स्थल के रूप में बंद किए जाने और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित मारपीट के मामले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। जंतर मंतर विरोध प्रदर्शन से जुड़ी याचिकाओं पर दिल्ली हाई कोर्ट ने 13 अक्टूबर की तारीख तय की है। एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन सांब्रे और जस्टिस संजय शर्मा की बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी।
इससे पहले इस मामले की अर्जी को 12 अक्टूबर को सुनने की मांग की गई थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट का मानना है कि चूंकि सुप्रीम कोर्ट पहले से ही इससे जुड़े मामलों की सुनवाई कर रहा है, इसलिए तत्काल सुनवाई की आवश्यकता नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और पुलिस की सख्ती
इस पूरे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की नजर बनी हुई है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को अवैध रूप से हिरासत में न लिया जाए। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि दिल्ली मेट्रो और इंटरनेट जैसी आवश्यक सेवाएं बाधित न हों। चीफ जस्टिस ने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक गतिविधियां सुचारू रूप से चलनी चाहिए, लेकिन इससे अदालती कामकाज में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। दिल्ली पुलिस की जॉइंट कमिश्नर नूपुर प्रसाद ने साफ किया है कि विरोध प्रदर्शन के लिए आवेदन कम से कम दस दिन पहले देना अनिवार्य है। वर्तमान में मध्य दिल्ली के कई इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है, जिसके तहत पांच से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है।
यह पूरा विवाद मुख्य रूप से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहा है। सौरव दास, आशुतोष रंका और अभिजीत दीपके जैसे नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियां की गई हैं। इस आंदोलन में NSUI और AISA जैसे छात्र संगठन भी शामिल हैं, जिसके चलते राजधानी के कई हिस्सों में भारी बैरिकेडिंग की गई है।
जंतर मंतर के मौजूदा नियमों के मुताबिक, यहां अधिकतम 1,000 लोग ही इकट्ठा हो सकते हैं और प्रदर्शन का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक ही निर्धारित है। साथ ही, वहां किसी भी तरह के अस्थायी ढांचे बनाने की अनुमति नहीं है।